मदर्स डे पर अमर उजाला ने भावनाओं को दी अभिव्यक्ति

Moradabad Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें

मुरादाबाद। मां... एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही प्रेम की तरंगें उठने लगती हैं... एक ऐसा भरोसा जो कभी नहीं टूटता, एक ऐसी उम्मीद जो हर आंख में पलती है और एक ऐसी अनुभूति मानो सारा जहां मिल गया। ऐसी मां के लिए सभी के दिल में भावनाओं का समुंदर होता है लेकिन उन्हें अभिव्यक्ति सभी नहीं दे पाते। अमर उजाला ने प्रयास किया दिल में पलने वाली उन भावनाओं को बाहर लाने की। सैकड़ों लोगों ने कविताओं के जरिए अपनी- अपनी मां के लिए कुछ न कुछ लिखा। जिन्होंने सबसे बेहतर ढंग से मां की महिमा को शब्दों में पिरोया। ऐसे बीस रचनाकारों को सम्मानित किया गया। कुछ घंटे के समारोह में लोगों का कभी गर्व से चेहरा चमका तो कभी भावुकता में आंख गीली हुई। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार और कवि माहेश्वर तिवारी ने कहा कि ऐसे प्रयास संस्कारों को और प्रगाढ़ करते हैं।
मानसरोवर पैराडाइज में शाम चार बजे से सम्मान समारोह शुरू हुआ। यह सम्मान था उन रचनाकारों का जिन्होंने मां पर अपनी जुबां को शब्द दिए। अमर उजाला दफ्तर में पिछले दिनों सात सौ से भी अधिक कविताएं पहुंचीं। कवि माहेश्वर तिवारी ने इन कविताओं में 20 श्रेष्ठ कविताओं का चयन किया और उनमें से भी तीन कविताएं प्रथम, द्वितीय और तृतीय चुनीं गयीं। सम्मान लेने के लिए ‘कवि’ अपनी मां के साथ पहुंचे थे। मुख्य अतिथि माहेश्वर तिवारी ने सभी श्रेष्ठ रचनाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा हमारे देश में मां का महत्व सदैव ही सर्वोच्च रहा है। मां हमेशा बच्चों की बेहतरी के लिये सोचती है। हमारे देश में माता पिता को नमन करने की परंपरा है। विदेशी संस्कृति के कार्ड आदि के चलन ने इन पर्व के महत्व को कम किया है। ऐसे कठिन और प्रति स्पर्धा के दौर में संवेदनाओं को जोड़ना कठिन कार्य है। अमर उजाला ने इसकी पहल कर सराहनीय कार्य किया है। इससे पहले यूनिट हेड प्रदीप जौहरी ने उन्हें शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। योगेंद्र वर्मा ‘व्योम’ की रचना को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। दूसरे स्थान पर संभल भीमनगर के परवेज आलम एडवोकेट की कविता रही। तीसरी श्रेष्ठ रचना आनंद कुमार गौरव की चुनी गई। अन्य श्रेष्ठ रचनाओं में मूलचंद ‘राज’, डा. पूनम बंसल, अंकित गुप्ता ‘अंक’, सौरभ विश्नोई, अंकिता जैन, लता सैनी, एकता विश्नोई, अपेक्षा, समर्थ अग्रवाल, मीरा सैनी, शैलेंद्र पाठक (सभी मुरादाबाद), रामपुर टांडा की फूलवती, राजद्वारा रोड रामपुर की समीना राहत, चंदौसी के नीरज अरोरा, संभल के डा. रजाउर रहमान आकिफ संभली, बहजोई भीमनगर की शीतल गौड़ और संभल की ही जबेरिया तारिक की रचना शामिल रही। यूनिट हेड प्रदीप जौहरी ने सभी का आभार जताया।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

करोड़ों के नुकसान के बाद राजस्थान में हटा ‘वेब कर्फ्यू’, पुलिस महकमे की थपथपाई गई पीठ

व्यापार जगत और आम लोगों को हुई परेशानी के बावजूद राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने राज्य के पुलिस महकमे की पीठ थपथपाई।

16 जुलाई 2018

Related Videos

नल से टपका पानी तो फोन पर आएगा मैसेज

मुरादाबाद के दो छात्रों ने मिलकर स्मार्ट वॉश बेसिन का निर्माण किया है। क्या हैं इसकी खूबियां जानिए हमारी इस रिपोर्ट में।

26 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen