पब्लिक देती जवाब तो फोर्स पर पड़ता भारी

Moradabad Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। सैकड़ों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुठ्ठी भर थे वर्दी वाले। पहले तो यूं ही प्रदर्शनकारियों को हल्के में लिया जाता रहा। पर ‘राजधानी’ आते ही माहौल बदल गया। भीड़ उधर ही दौड़ पड़ी और आरपीएफ पीछे-पीछे। खुद को कमतर पाकर ही आरपीएफ को लाठी चार्ज करना पड़ा। अगर पब्लिक जवाब में खड़ी होती तो फोर्स के लिए मुश्किल हो गई होती। संयोग यह रहा कि जबतक लोग पलटवार की सोचते ट्रेन जा चुकी थी और आंदोलन की मंशा के बाद लोग बवाल बढाने के मूड में नहीं थे। इन हालातों की उम्मीद प्रदर्शनकारियों को पहले से थी और यह पहले ही सभी को समझा दिया गया था कि हर हाल में आंदोलन का मकसद फेल नहीं होना चाहिए।
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सुबह नौ बजे प्रदर्शन का वक्त मुकर्रर था, लेकिन आरपीएफ के दारोगा व करीब दस सिपाही सुबह सात बजे ही मौके पर पहुंच गए थे। करीब साढ़े आठ बजे आरपीएफ के करीब दर्जनभर पुलिसकर्मी व एक महिला दारोगा के नेतृत्व में छह-सात पुलिसकर्मी और मौके पर पहुंच गए। सब मिलाकर करीब तीस से पैंतीस की संख्या में आरपीएफ वाले मौके पर थे। कटघर सीओ वीएस सिद्धू व इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह भी सुबह ही गोविंदनगर पहुंच गए लेकिन सिविल पुलिस की भूमिका यहां बस मूकदर्शक की थी। रेलवे ट्रैक पर ला एंड आर्डर की जिम्मेदारी आरपीएफ की थी। भीड़ भी तय समय पर जुटनी शुरू हो गई थी। करीब घंटे भर में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हो चुके थे। इस बीच धड़ाधड़ चार ट्रेनें गुजर गईं। प्रदर्शनकारियों की कोई प्रतिक्रिया न होती देख फोर्स को लगा मामला तूल नहीं पकड़ेगा। इसी बीच डिब्रूगढ़ से दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस आती देख भीड़ दौड़ पड़ी। भीड़ को ट्रेन के पीछे दौड़ता देख आरपीएफ वालों के होश फाख्ता हो गए। भीड़ को दौड़ता देख ड्राइवर ने भी ब्रेक लगा लिए। जब तक फोर्स पीछे दौड़ी तब तक भीड़ इंजन पर चढ़ ट्रेन को रुकवा चुकी थी।
सैकड़ों की संख्या में भीड़ अपने विरोध की मंशा को जता चुकी थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी टकराव के मूड में नहीं थे। यदि भीड़ ने आरपीएफ को जवाब दिया होता तो बगैर सुरक्षा उपकरणों के ट्रैक पर मौजूद आरपीएफ को बैकफुट पर आना पड़ता।
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चेतावनी को हल्के में लिया रेलवे ने
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। राजधानी एक्सप्रेस रोकने की गोविंदनगर के बाशिंदों की चेतावनी को रेलवे ने हल्के में लिया। इसी के चलते रेलवे का कोई भी अफसर मौके पर मौजूद नहीं रहा।
गोविंद नगर वालों ने बीस अप्रैल को मंडलायुक्त से मुलाकात को ज्ञापन सौंप पंद्रह दिन का वक्त दिया गया था। छह मई को ट्रेन रोके जाने की चेतावनी दी गई थी। पांच मई को इन लोगों ने फिर से रेलवे व प्रशासन को अपनी मांग से अवगत कराया था लेकिन रेलवे ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। रविवार को सुबह आरपीएफ तो मौके पर भेज दी गई लेकिन रेलवे का कोई भी अफसर स्थिति को देखने के लिए मौजूद नहीं था। प्रशासन ने अपर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ कटघर को भेज रखा था। बवाल के बाद एडीएम सिटी भी पहुंच गए। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे थे। रेलवे की ओर से किसी अफसर के मौजूद न होने से एडीएम को भी दिक्कतें आईं।
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अंडरपास के मुद्दे पर कल होगी वार्ता
मुरादाबाद। गोविंदनगर अंडरपास के मुद्दे पर मंगलवार को प्रशासन आंदोलनकारियों से बातचीत होगी। एडीएम एचकेएन त्रिपाठी ने बताया मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। बातचीत के बाद यदि जरूरी हुआ तो जिलाधिकारी के माध्यम से रेलवे महकमे के अफसरों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा समस्या के समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा।
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