हड़ताल का बोझा आम आदमी की जेब पर

Moradabad Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
मुरादाबाद। सीएनजी आटो चालकों की हड़ताल का बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। जिस दूरी को पांच रुपये में तय किया जा सकता था, उसकी ऐवज में लोगों को पंद्रह से बीस रुपये तक देने पड़े। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। रिक्शा वालों को मुंह मांगे दाम लोगों को चुकाने पड़े।
हड़ताल का हल क्या होगा यह तो सोमवार को आटो चालकों और जिला प्रशासन की बातचीत के बाद ही पता चलेगा। लेकिन फिलहाल इसका खामियाजा आम आदमी उठा रहा है। शहर में करीब पंद्रह सौ आटो चलते हैं। लोगों की इंतजार करने की आदत छूट चुकी है। हर मिनट में औसतन तीन से चार टैंपो सड़क पर गुजरते हैं। ऐसे में बस या ट्रेन से उतरते ही लोगों को गंतव्य के लिए सवारी मिल जाती है। रिक्शा वालाें की तरह मोल भाव की भी जरूरत नहीं होती। पहुंच भी वक्त से जाते हैं। लेकिन आटो चालकों की हड़ताल के चलते लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए सवारी का लंबा इंतजार करना पड़ा।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाले के तीसरे केस में लालू यादव दोषी करार, दोपहर 2 बजे बाद होगा सजा का ऐलान

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

मुरादाबाद में पानी की टंकी में मिला छात्र का शव

मुरादाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls