सनसनीखेज कांड का ‘खामोश’ खुलासा

Moradabad Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
मुरादाबाद। पिछले नौ दिन से महानगर की सनसनी बने नासिर हत्याकांड के ‘खामोश’ खुलासे से पुलिस थोड़ा बैकफुट पर है। वर्कआउट की स्क्रिप्ट लिखने में पुलिस ने जो हड़बड़ी दिखाई। इससे खुलासे को लेकर आम लोगों में थोड़ा संशय बना। हालांकि अफसरों का कहना है मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा किया गया है।
सपा नेता नासिर कुरैशी हत्याकांड की गूंज महानगर से लेकर लखनऊ थी। पुलिस पर हत्याकांड के खुलासे को लेकर जबरदस्त दबाव था। पुलिस ने भी कोई कसर नहीं उठा रखी थी खुलासे को। फूंक-फूंककर कदम रख रही थी पुलिस। हत्या में लगातार सपा नेताओं का नाम उछल रहा था। प्रापर्टी विवाद की चर्चा तो थी लेकिन रकम को लेकर भी कोई विवाद सामने नहीं आ रहा था। इसके बाद भी पुलिस पूरे मामले को संजीदा बनी हुई थी। कैबिनेट मंत्री आजम खां भी आधे घंटे की समीक्षा के बाद पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट थे। परिवार वाले भी पुलिस लाइन को ठीक मान रहे थे। नौ दिन तक चालीस से ज्यादा लोगों से पूछताछ, सर्विलांस सेल की कवायद के बाद शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एकाएक शूटर वेदप्रकाश को पुलिस जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाई तो महानगर में एकदम सनसनी फैल गई। मेडिकल के बाद वेदप्रकाश को कोर्ट में दाखिल कर दिया गया। शाम को पूरे मामले को मीडिया में ब्रीफ करने के लिए एसएसपी सुनील कुमार गुप्ता सामने आए। उन्होंने मीडिया के एक-एक सवाल का जवाब दिया। शूटर को मीडिया के सामने न लाने पर एसएसपी ने साफ तौर पर कहा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा नहीं किया गया।

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नासिर हत्याकांड: कब क्या हुआ
26 अप्रैल- रात एक बजे एसकुमार चौराहे के पास नासिर को गोली मारी
- साईं अस्पताल में इलाज के दौरान नासिर ने दम तोड़ा
27 अप्रैल- नासिर समर्थकों ने तहसील स्कूल में पास जाम लगाया
- शाम को नासिर का शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया
- पुलिस ने सर्विलांस के दायरे में आए दस लोगों को उठाया
28 अप्रैल- नासिर की हत्या में सियासी रंजिश व प्रॉपर्टी विवाद की बात सामने आई
29 अप्रैल- दो महीने पहले धमकी मिलने की लाइन पर पुलिस ने काम शुरू किया
एक मई - कैबिनेट मंत्री आजम खां मृतक के घर पहुंचे, अफसरों के साथ बैठक
- देर रात पुलिस ने पुलिस ने शक के आधार जेपी नगर के शूटर को उठाया
दो मई - जांच टीमों की चार घंटे की संयुक्त बैठक में आठ लोगों से हुई इंट्रोगेशन
चार मई- पुलिस ने मामले का खुलासा किया, एक शूटर गिरफ्तार

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पुलिसकर्मियों की हत्या भी कर चुका है वेदप्रकाश
मुरादाबाद। नासिर की हत्या में शामिल रहा शूटर वेदप्रकाश सैनी पहले भी हत्याओं के मामलों में शामिल रहा है। उस पर चार हत्याओं का इल्जाम हैं और जानलेवा हमले के आठ मामलों समेत करीब पंद्रह मुकदमे दर्ज हैं। इन दिनों वह जमानत पर चल रहा है। सीओ सिटी कमलेश दीक्षित ने बताया कि अमरोहा के सलेमपुर में पांच साल पहले दो कांस्टेबलों की हत्या में वेदप्रकाश मुख्य अभियुक्त है। 2006 में असालतपुरा के मुसरलीन पर भी जानलेवा हमला वेदप्रकाश ने किया था। इसमें मुसरलीन के एक साथी की जान चली गई थी। इसके अलावा वेदप्रकाश ने असालतपुरा में ही दिसंबर 2007 में नसीम ठेेकेदार की हत्या की। 2006 में ही हिमाचल प्रदेश में एक बैंक डकैती में भी वेदप्रकाश का नाम सामने आया था।


ऐसे हुई नासिर की हत्या
नासिर रात करीब एक बजे अपने घर लौट रहे थे, दो-दो शूटरों की टीम उनको वॉच कर रही थी। एस कुमार चौराहे से पहले शूटर इकराम व वेदप्रकाश सैनी ने नासिर पर फायर किए। इकराम के तमंचे से चली गोली नासिर की पीठ में लगी और सीने को चीरते हुए निकल गई। इससे नासिर का दाहिना फेफड़ा फट गया और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

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