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बीस प्रतिशत किसानों का कर्जामाफ,

Moradabad Bureau Updated Wed, 07 Jun 2017 01:27 AM IST
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शर्तों में उलझ गए किसान, सिर्फ 20 फीसदी का कर्ज माफ
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- 55000 से अधिक किसानों पर 150 करोड़ था कर्ज, 10712 किसानों का 37 करोड़ का कर्ज हुआ माफ
- अब बचे किसान तीस जून तक कर्ज नहीं अदा करते तो चुकाना पड़ेगा अतिरिक्त ब्याज
- कर्जमाफी की घोषणा के दो माह बाद जारी हुआ जीओ, 31 मार्च 2016 से पूर्व लिया हुआ कर्जा ही माफ हुआ

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। प्रदेश सरकार से कर्ज माफी की उम्मीद पाले बैठे किसान शर्तों में उलझकर रह गए हैं। सरकार की स्कीम के मुताबिक महज 10712 किसान ही शर्तें पूरी कर पाएं, जिन पर 37 करोड़ रुपये कर्ज है। ये जिले में कुल कर्जदार तकरीबन 55000 से ज्यादा (इसमें वे किसान भी शामिल हैं, जो निर्धारित अवधि से पहले कर्ज चुका चुके हैं) किसानों का महज 19.47 फीसदी है। इस तरह 44000 किसान (80 फीसदी) कर्जमाफी योजना से बाहर हो गए। इससे कर्जमाफी का इंतजार कर रहे ये किसान तीस जून तक कर्ज अदा नहीं करते तो इन्हें अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना पड़ेगा। इधर, जानकारी पर भारतीय किसान यूनियन ने इसे किसानों से धोखा करार दिया। कहा कि, सभी किसानों का कर्ज माफ न हुआ तो आंदोलन करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान लघु और सीमांत किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी। सरकार सत्ता में आई तो कर्जमाफी की घोषणा भी की, मगर करीब दो माह बाद जीओ जारी हुआ तो किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। नियमों के मुताबिक, वे ही किसान कर्जमाफी की श्रेणी में आए हैं, जिनके पास 4.99 एकड़ भूमि है और 31 मार्च 2016 से पहले कृषि लोन लिया था। जिन किसानों ने लोन लेकर जमा कर दिया है, उन्हें कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं एक अप्रैल 2016 को किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने वाले किसान भी कर्जमाफी की श्रेणी में नहीं आएंगे। इन शर्तों को जिले के 10712 किसान ही पूरा कर रहे हैं, जिन पर महज 37 करोड़ कर्ज है। इस तरह से 80 फीसदी किसान (कुल 55000 में से 44000)योजना का लाभ पाने से बाहर हो गए। योजना से बाहर हुए किसानों पर 113 करोड़ का कर्ज
अमरोहा। सहकारिता विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 55 हजार (इसमें वे किसान भी शामिल हैं, जो निर्धारित अवधि से पहले कर्ज चुका चुके हैं)से अधिक किसानों पर 150 करोड़ से अधिक का कर्जा है, मगर 10712 किसानों का ही कर्ज माफ होगा। इस तरह से 44000 किसानों को कर्ज समय से चुकाना होगा, जिन पर 113 करोड़ का कर्ज है। ये कुल किसानों की संख्या का अस्सी फीसदी है।
किसान यूनियन बोली, किसानों के साथ हुआ धोखा
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष चौधरी उम्मेद सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया है। सभी किसानों का कर्जा माफ होना चाहिए था। प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उधर, भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह का कहना है प्रदेश सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर किसानों को छला है। दस एकड़ भूमि तक सभी किसानों का कर्जा माफ होना चाहिए था। कर्जमाफी की जो समय सीमा निर्धारित की गई हैं, उसमें बदलाव किया जाए।

अतिरिक्त ब्याज की मार से बचने के लिए समय पर कर्जा जमा करें
अमरोहा। जिले के 44 हजार किसानों ने यदि तीस जून तक कर्जे की अदायगी नहीं की तो उन पर अतिरिक्त ब्याज की मार पड़ेगी। तीन प्रतिशत ब्याज के स्थान पर 12.70 फीसदी ब्याज की दर से वसूली की जाएगी। इसके एक माह बाद आरसी की कार्रवाई की जाएगी। 22.70 फीसदी ब्याज की दर से किसानों से कर्जे की वसूली की जाएगी। सहकारिता विभाग के अफसरों का कहना है कि अतिरिक्त ब्याज की मार से बचने के लिए समय से कर्जे की अदायगी करेें।

बयान
प्रदेश सरकार की कर्जमाफी का शासनादेश प्राप्त हो गया है। 31 मार्च 2016 से पूर्व कर्जा लेने वाले लघु व सीमांत जनपद के 10712 किसान कर्जमाफी की श्रेणी में आए हैं। इन किसानों का 37 करोड़ का कर्जा माफ हुआ है। इसके अलावा जनपद के 44 हजार किसानों पर 113 करोड़ का कर्ज रहेगा। कर्जमाफी की श्रेणी से बाहर होने वाले किसानों को तीस जून तक कर्जे की अदायगी करनी होगी।
- रमेश यादव, एआर कोऑपरेटिव

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