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डीएफओ से रेंजर, वन दारोगा समेत तीन की रिपोर्ट तलब

Updated Mon, 05 Jun 2017 02:39 AM IST
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ड्रिल मशीन छोड़ने में अफसरों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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- मुख्य वन संरक्षक ने बिठाई जांच, डीएफओ से मांगी रिपोर्ट
- स्थानीय वन अफसरों पर बगैर अनुमति केबल डाल रहीं ड्रिल मशीन और ड्रिल जीपीएस छोड़ने का आरोप
- 26 मई की रात रजबपुर में वन सुरक्षा प्रभारी ने पकड़ी थीं
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। वन सुरक्षा प्रभारी (रुहेलखंड जोन) की ओर से पकड़ी गई ड्रिल मशीन और ड्रिल जीपीएस को छोड़ने के मामले को रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में मुख्य वन संरक्षक(रुहेलखंड जोन)ने जांच बिठा दी है। वहीं डीएफओ से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगते हुए ठेकेदार पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बायीं ओर वन विभाग की जमीन है। रजबपुर थाना क्षेत्र में वन विभाग की भूमि के इर्द गिर्द बगैर अनुमति केबल डाला जा रहा था। यह काम ड्रिल मशीन और जीपीएस से किया जा रहा है। शिकायत पर वन रक्षक राम चरन और राजेश कुमार के साथ पहुंचे वन सुरक्षा प्रभारी (रुहेलखंड जोन) अभय कुमार सिंह ने ठेकेदार से पूछताछ की थी। इस दरम्यान ठेकेदार ने बताया कि वह वन दरोगा सुमित राठी से मौखिक अनुमति लेकर काम कर रहा है। इस बाबत ठेकेदार ने अपने मोबाइल से वन दरोगा सुमित राठी से बात भी कराई। हालांकि, वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बाद में अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। इस पर टीम ने ड्रिल मशीन और ड्रिल जीपीएस मशीन कब्जे में कर ली। आरोप है कि रेंजर नरेश कुमार जोशी के बाहर होने के कारण उनके कहने पर ड्रिल मशीन व जीपीएस मशीन को वन संरक्षक केपी सिंह को सुपुर्द करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मगर उसने पकड़े गए उपकरण आरोपी ठेकेदार की ही सुपुर्दगी में दे दिए। इसकी जानकारी होने पर वन सुरक्षा प्रभारी (रुहेलखंड जोन) ने वन संरक्षक, वन दारोगा, वन क्षेत्राधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताते हुए मुख्य वन संरक्षक (रुहेलखंड जोन) को रिपोर्ट सौंपी थी। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य वन संरक्षक अरविंद कुमार गुप्ता ने प्रभागीय वन अधिकारी(डीएफओ) मोहम्मद उमर खान से वन संरक्षक, वन दारोगा व वन क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

टीम से भिड़ गए थे ठेकेदार के साथी
शिकायत पर 26 मई की रात वन सुरक्षा प्रभारी ने विभागीय अनुमति के बगैर केबल डाल रहीं ड्रिल मशीन व जीपीएस मशीन को पकड़ा था। मशीनों को कब्जे में लिया जा रहा था तो ठेकेदार के 4-5 साथी बाधा उत्पन्न करते हुए वन सुरक्षा प्रभारी व टीम से भिड़ गए थे। जिस पर कॉल कर यूपी-100 बुलानी पड़ी थी। पुलिस के पहुंचने पर ही ड्रिल मशीन व जीपीएस मशीन को कब्जे में लिया जा सका।

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