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जिलाधिकारी ने नगर में भ्रमण कर लिया जायजा

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 26 Mar 2020 10:21 PM IST
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नगर में निरीक्षण करते एसपी डा. धर्मवीर सिंह, साथ में डीएम सुशील कुमार पटेल।
नगर में निरीक्षण करते एसपी डा. धर्मवीर सिंह, साथ में डीएम सुशील कुमार पटेल। - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल व अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह ने गुरुवार को लाकडाउन के दौरान नगर के विभिन्न मोहल्लों में भ्रमण कर अनावश्यक रूप से घूमने वालों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहें यदि कोई सड़कों पर या अपने घरों के सामने बाहर घूमता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह भी कहा कि जो भी बिना पास के सड़कों पर पाया गया उसके वाहन सीज कर दिए जाएंगे। इस दौरान जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह ने सड़कों पर घूमते लोगों को फटकार लगाई।
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नगर में जिला प्रशासन के द्वारा किराना, राशन व सब्जी वार्डवार घर घर पहुंचाने के दौरान वाहनों के पास लोग सामान लेते हुये मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि कम से कम एक मीटर के अन्तर पर लोग खड़े होकर सामान लें। सामान लेने के बाद वे अपने घरों में चले जायें। यह भी कहा कि सामान लेने के लिये घर का एक ही व्यक्ति आयें। वे अपने साथ बच्चों को कदापि न लायें। मेडिकल स्टोर पर जिलाधिकारी ने कहा कि दुकानदार एक-एक मीटर की दूरी पर गोला बना दें ताकि उसी के अन्दर लोग लाइन लगायें। जिलाधिकारी ने अपने भ्रमण के दौरान जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जिला अस्पताल में लगाया गया टेंपरेचर मापने वाले कैमरा को भी देखा तथा उसके बारे में चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की। अस्पताल भ्रमण के दौरान बाहर बैठें मरीज के परिजन से स्वास्थ्य सुविधायें मिलने की जानकारी भी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से कहा कि इस समय लोग अपने परिवार के साथ घरों में रहे ताकि कोरोना वायरस को हराया जा सके। अपने भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी के साथ रमई पट्टी, पुलिस लाइन होते हुये पाण्डेय पुर चौराहा, तहसील रोड, महुवरिया, गिरधर चौराहा, पक्की सराय, मुकेरी बाजार, लालडिग्गी, इमामबाड़ा मुसफ्फरगंज, त्रिमोहानी, रामबाग सहित आदि मोहल्लों में भ्रमण किया।
उधर, लॉकडाउन के दूसरे दिन गुरुवार को रोजमर्रा के चीजों को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। यदि चोरी छिपे कहीं मिल भी रहा तो उसके बढ़े दामों को लेकर ग्राहक और दुकानदारों में न सिर्फ किचकिच हो रही है, बल्कि जागरुक ग्राहकों की ओर से पीआरवी टीम को बुलाकर खड़ा कर दिया जा रहा है। जिससे नाराज ऐसे दुकानदारों ने ग्राहको को अब सामान ही देना तो दूर अपनी दुकाने ही बंद कर दी जिससे कई गांवों मे समस्या खड़ी हो गई है।
सिटी विकास खंड के खजुरी गांव में एक दुकानदार की ओर से 35 रुपये किलोग्राम आलू बेचे जाने को लेकर ग्राहक और दुकानदार में न सिर्फ कहासुनी हो गई बल्कि नाराज ग्राहक की ओर से 112 पीआरवी टीम को सूचना भेज मौके पर बुला लिया। नाराज दुकानदार ने अपनी दुकान ही बंदकर दी जिससे ग्रामीणो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिगना, क्षेत्र में रोजमर्रा की खाद्य सामग्री उपलब्ध न हो पाने से ग्रामीण परेशान हैं। कालाबाजारी का आलम यह कि लॉकडाउन से पहले तक जहां 18 से 20 रुपया प्रतिकिलोग्राम आलू बिक रहा था वहीं अब 30 से 35 रुपए ढूढ्ने पर नहीं मिल रहे। यही हाल अन्य सब्जियों के दामो को लेकर बना हुआ है। प्रत्येक सब्जियों के दाम डेढ़ से दोगुने दाम वसूल किए जा रहे हैं। चुनार, लॉकडाउन के चलते नगर में सामानों की कालाबाजारी शुरु हो गई है। तमाम रोक के बावजूद अंकुश नहीं लग पा रहा है। मजदूरों को कोरोना का भय सता रहा है। भयावह की स्थिति यह है कि चना, मसूर, मटर व सरसो की फसल पक गई है, तेज धूप में चटककर दाने खेत में गिर रहा खोजने पर मजदूर नही मिल रहे हैं। जमालपुर, स्थानीय थाना क्षेत्र के गांवो में दुकानदारो की ओर से रोजमर्रा के चीजों में निर्धारित दाम से अधिक दाम वसूल किए जा रहे हैं। क्षेत्र के भदावल गांव में तीन दुकानदारो की ओर से मनमाने दाम लिए जाने पर ग्रामीणों की सूचना आई 112 पीआरवी टीम ने जमकर फटकार लगाई। लालगंज, उपरौध क्षेत्र की चार लाख आबादीवाले के गांव के लोग लाक डाउन के बाद कोई हो हल्ला दो दिन बीतने के बाद भी नहीं मचाया। इसके पीछे ग्रामीण समाजशास्त्री अमरनाथ तिवारी व कठवार निवासी चंद्रमणि दुबे मानते हैं कि परंपरागत सोच और संस्कार गृहिणियों के कारण ऐसा हो रहा है। क्षेत्र के मानिकपुर,तीखोर, सहिरा,रानी बारी,पंजरा, लालगंज कोल बस्ती, नयागांव मुसहर बस्ती,धरकार बस्ती, बल्हिया खुर्द,पचोखरा,तिलांव,बसकोप आदि मजदूरों से जुड़े गांव की भी स्थित पूरी तरह मजबूत है। मड़िहान, स्थानीय तहसील क्षेत्र में रोज काम कर परिवारों का भरण पोषण करने वाले दिहाड़ी मजदूरों की कमर टूट रही है। गरीबों के घरों में खाद्य पदार्थ की कमी पड़ने लगी। खानेपीने की समान की आपूर्ति के अभाव में कस्बा व गांवों की दुकानें भी धीरे धीरे बंद होने की कगार पर हैं। आवश्यक समान के दाम में बढ़ोत्तरी होने से चावल, आंटा, आलू सब्जी व तेल इत्यादि महंगे दामो पर बेचे जा रहे हैं। समय रहते यदि ध्यान न दिया गया तो गरीब परिवारों के सामने भोजन के लाले पड़ सकते हैं। चेतगंज, स्थानीय बाजार सहित आस पास के गांव के लोग लॉकडाउन के बीच बाजार में खुले सब्जी व फल के दामो को सुनकर लोगो के होश उड़ जा गए। सीखड़, गुरुवार को क्षेत्र में पूरी तरह से लॉकडाउन का असर रहा। जनता कर्फ्यू की तरह ही लोग अपने घरों से नहीं निकले। गांव मे दुकाने कुछ देर के लिए खुली रहीं। ग्रामीण अपने जरूरत की सामान जुटाने में लगे रहे। लेकिन लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही खाद्य सामग्री महंगी बिकने लगी। क्षेत्र में आलू व टमाटर दाम महंगे होने से गरीब परिवार के लिए समस्या बनी हुई है। मंडी तक सब्जी न पहुंच पाने से किसानों के सामने भी रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। खैरा के किसान भागवत सिंह ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सब्जियों को मंडी तक जाने की सब्जी मंडी में ले जाने की अनुमति दिए जाने की मांग की है।
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