खा गए गरीबों का अनाज

Mirzapur Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
चुनार (मिर्जापुर)। पिछले सात वर्षों से तहसील के जमालपुर इलाके के छोटा मिर्जापुर गांव में कोटेदार ग्राम प्रधान और गांव के सचिव की मिलीभगत से चल रही गरीबों के अनाज की चोरी की पोल धन के बंदरबांट में हुई कहासुनी के कारण खुल गई। इसमें पचास लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों की शिकायत पर मामले की जांच कर रहे उपजिलाधिकारी चुनार डा. विश्राम ने बताया कि पिछले सात सालों में करीब 125 बीपीएल एवं अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाला अनाज उन्हें आज तक नहीं दिया गया। जबकि हर माह उनके नाम से कोटेदार अनाज का उठान करता रहा। जिसकी बिक्री खुले बाजार में कर तीन आरोपी उसका पैसा आपस में बांट रहे थे। तहसील प्रशासन के नाक के नीचे इतना बड़ा खाद्यान्न घोटाला का पर्दाफाश होने से प्रशासन की नींद उड़ गई है।
उपजिलाधिकारी ने कोटेदार मारकंडेय की दुकान का लाइसेंस निरस्त करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सरकारी धन की वसूली किए जाने और कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। उधर इस कार्रवाई से इलाके के उन कोटेदारों में हड़कंप मच गया है, जो लाखों की हेराफेरी करते हैं। उपजिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों एवं पूर्ति विभाग की टीम बना कर तहसील के प्रत्येक कोटेदार की जांच के निर्देश दिए हैं।

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