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22 साल से फरार चल रहा डकैत पकड़ाया

Mirzapur Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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अहरौरा। तीन दशक पूर्व झपड़ी टेढ़वा गांव में डकैतों ने डकैती के साथ ही हत्या की घटना को भी अंजाम दिया था। इस मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया था। इन सभी को जिला सत्र न्यायालय से सजा भी हुई थी। सभी आरोपी अपील में हाईकोर्ट गए और वहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया था। मुकदमे के दौरान ही एक आरोपी की मौत भी हो चुकी है। जबकि दो फरार हो गए थे। इनमें से ही बाढ़ू नामक एक अभियुक्त को अहरौरा पुलिस ने हाईकोर्ट की फटकार के बाद रविवार को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई।
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अहरौरा में पड़ी डकैती की वारदात में नगदी, आभूषण के साथ बटोरने के साथ ही एक व्यक्ति की हत्या भी कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक 21 सितंबर वर्ष 1982 को उस समय थाना अहरौरा क्षेत्र का हिस्सा रहे झपड़ी टेढ़वा गांव निवासी सुंदर पुत्र जवाहिर चौहान के यहां पांच डकैताें ने धावा बोलकर सशस्त्र डकैती की थी। इस डकैती में बचनू पुत्र रामबचन निवासी कोलईया मधुपुर थाना रावर्टसगंज, रमाकांत कुशवाहा निवासी झपड़ी टेढ़वा मधुपुर रावर्टगंज, घुरफेक्कन निवासी हरैया थाना रावर्टसगंज,मुर्तजा नाई पुत्र तैयब निवासी करनौल थाना साहाबगंज जिला चंदौली तथा बाढू़ पुत्र केड़ा निवासी विजयपुर नई बस्ती थाना नौगढ़ जिला चंदौली शामिल रहे। इनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इन पर मिर्जापुर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पंचम के यहां मुकदमा चला। कोर्ट से सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इन अभियुक्ताें ने हाईकोर्टं में अपील की जिस पर आठ वर्ष बाद 16 मार्च वर्ष 1990 को जमानत मिल गई। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने दो अभियुक्तों की सजा बहाल रखी। इसमें बाढ़ू व मुर्तजा शामिल हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक चंदौली गैर जमानती वारंट जारी कर बाढू़ व मुर्तजा को पकड़ कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद नौगढ़ साहाबगंज व चंदौली की पुलिस टीम पकड़ने में विफल रही। इस पर न्यायालय ने दो माह पहले पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर को सीजेएम मिर्जापुर द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया जिसके अनुपालन में इन अभियुक्ताें को पकड़ कर न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
इसी क्रम में अहरौरा थानाध्यक्ष ओमकार सिंह यादव और उपनिरीक्षक जवाहिर सिंह समेत पुलिस की टीम क्षेत्राधिकारी आपरेशन हरिनाथ शर्मा के नेतृत्व मे गठित की गई। रविवार की शाम करीब पांच बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने चकिया तिराहे के पास से अपनी मौसेरी बहन के यहां जा रहे अभियुक्त बाढ़ू को धर दबोचा। बता दें कि बाढ़ू ने सेंट्रल जेल वाराणसी में जमानत के पहले आठ वर्ष सजा काटी है तथा डकैती में शामिल एक अभियुक्त घुरफेक्कन की मौत हो चुकी है। गैर जमानती वारंट के एक अन्य अभियुक्त मुर्तजा की तलाश में पुलिस अब भी जुटी हुई है।
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