आबादी के बीच संचालित हो रहे सुअरबाड़े

Mirzapur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:39 AM IST
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मिर्जापुर। इंसेफलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए एक तरफ सरकार लाखों खर्च रही है तो वहीं दूसरी ओर इसके वाहक आबादी में खुले में घूम रहे हैं। नगर पालिका क्षेत्र में आबादी के बीच सुअरबाड़ों का संचालन हो रहा है। इन्हें हटाने की कवायद को कौन कहे नगर पालिका को यह तक नहीं मालूम कि कितने वार्डों में सुअरबाड़े संचालित होते हैं।
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पूर्वांचल में इंसेफलाइटिस का कहर किसी से छिपा नहीं है। शासन का निर्देश है कि आबादी के बीच सुअरबाड़ों का संचालन न किया जाए। बावजूद इसके नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में अवैध रूप से सुअरबाड़े चल रहे हैं। चिकित्सकों की माने तो सुअर इंसेफलाइटिस व एईएस सहित कई संक्रामक बीमारियों के वाहक होते हैं। इनका पालन आबादी से दूर होना चाहिए तथा यह भी ध्यान में रखना चाहिए के सुअर आबादी के बीच दाखिल न हों। इन सब बातों से बेखबर नगर पालिका लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहा है। सुअर अन्य छुट्टा पशुओं के साथ पूरे शहर में घूमते देखे जा सकते हैं। सुअरबाड़ों में नियमित कीटनाशक दवाओं के छिड़काव का नियम है। लेकिन नगर पालिका के पास इसके लिए कोई बजट नहीं है। जिलाधिकारी आवास से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित जमुनहिया में कई सुअरबाड़े आबादी के बीच चल रहे हैं पर अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ती। जिन वार्डों में सुअरबाड़े चल रहे हैं वहां के लोग दुर्गंध भरे माहौल में जीवन गुजार रहे हैं।
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