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Digital Edition

Meerut News Today 11 May: मेरठ समाचार | सुनिए शहर की ताजातरीन खबरें

सुनिए शहर की ताजातरीन खबरें-

पश्चिमी यूपी के छह जिलों में मिले 4415 नए संक्रमित मरीज, मेरठ में एक दिन में 23 लोगों की मौत

मेरठ में कोरोना की रफ्तार तेज होती जा रही है। सोमवार को रिकॉर्ड 2190 संक्रमित मिले हैं, जबकि 23 लोगों की मौत हो गई। 13 मौत मेडिकल में और 10 निजी अस्पतालों में हुई। 19 मौत मेरठ की और बाकी आसपास के जिलों के थे। उधर, पश्चिमी यूपी के पांच जिलों में 2225 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। मेरठ में सोमवार को हुई 4656 सैंपलों की जांच में हर तीसरा मरीज संक्रमित निकला। इस लिहाज से करीब 47 प्रतिशत मरीज संक्रमित निकले हैं। 17682 सक्रिय मामले हैं।  

मेरठ पहुंचा ब्लैक फंगस न्यूटिमा में दो मरीज मिले 

कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा भी घेर रहा है। संक्रमण महाराष्ट्र-गुजरात के कुछ जिलों के बाद मेरठ में भी देखने को मिला है। मुजफ्फरनगर और बिजनौर के दो मरीज न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती हैं जिन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई है। दोनों कोविड पेशेंट हैं और उनका इलाज चल रहा है। न्यूटिमा अस्पताल के एमडी और वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि दोनों मरीज़ म्यूकरमायकोसिस (ब्लैक फंगस या काली फफूंद) से पीड़ित हैं, जिनका डॉक्टर ब्लैक फंगस के लिए इलाज कर रहे हैं। कोविड की पहली लहर के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या देश में बहुत कम थी। देश में महाराष्ट्र और गुजरात में खास तौर पर म्यूकरमायकोसिस के मामले बढ़ रहे हैं।  

पंचायत चुनाव के बाद गांवों में तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद गांवों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। प्रत्याशियों के साथ ग्रामीण भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। सोमवार को आई रिपोर्ट में 157 संक्रमित मिले हैं। जिनमें सकौती के प्रधान व उसके पुत्र समेत 25 ग्रामीण पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि दौराला में 10, सरधना में 33, खरखौदा में 12, मवाना में 67, परीक्षितगढ़ में नौ और माछरा में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है।

तीन बेटियों और पत्नी को जहर दिया, मां-बेटी की मौत

मेरठ में किठौर क्षेत्र के ललियाना गांव में सनसनीखेज वारदात हो गई। पारिवारिक विवाद में युवक ने अपनी तीन बेटियों और पत्नी को खाने में जहर दे दिया। दो साल की बच्ची और मां की मौत हो गई। वहीं दो बेटियों की हालत गंभीर है। उनका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतका के भाई फजल मोहम्मद ने आरोप लगाया कि उसके जीजा ने परिवार को जहर दिया है। उसकी तहरीर पर पुलिस ने पति अकरम और उसके भतीजे कासिम, रिहान, वसीम और शाहीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मेरठ के परतापुर में आपसी विवाद को लेकर हॉस्टल में बीटेक के छात्र को गोली मारी

मेरठ के परतापुर थानाक्षेत्र में एक छात्र को गोली मारने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। परतापुर हाईवे पर एक बीटेक के छात्र को तीन युवकों ने हॉस्टल में घुसकर गोली मार दी है। इसकी जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। 

मेरठ में बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य पिस्टल लेकर युवक के पीछे भागा

मेरठ में बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। वह एक युवक को जान से मारने के लिए पिस्तौल लेकर पीछे भाग रहे हैं। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक की तहरीर पर पुलिस ने अरुण और उसके साथी ईशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

अब कोविड वार्ड में मरीजों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से करें बात

मेरठ में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोविड मरीजों की वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए उनके परिवार के लोगों से रोज बात कराने के लिए कहा है। कमिश्नर के निर्देश पर कोविड वार्ड के स्टाफ को एक मोबाइल और सिम कार्ड इस कार्य के लिए अलग से दिया गया है। सोमवार को कुछ मरीजों की बात भी कराई गई। कमिश्नर ने इलाज में लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। गाजियाबाद के संतोष कुमार के मामले को देखते हुए कमिशनर ने यह व्यवस्था शुरू की है। वहीं लोगों ने प्राइवेट अस्पताल में भी व्यवस्था को शुरू करने की मांग की है। 

दो महीने में प्लांट लगाकर ऑक्सीजन बनाएंगी चीनी मिलें 

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के लिए मारामारी है। विश्व में सर्वाधिक उत्पादन करने के बाद भी देश में ऑक्सीजन का संकट है। देशवासियों को इस संकट से उबारने के लिए अब शुगर इंडस्ट्री सामने आई है। गन्ना एवं चीनी विकास आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी की अपील पर निजी क्षेत्र की मिलों ने भी प्लांट स्थापना के लिए कवायद शुरू कर दी है। कोई देश में ही निर्मित प्लांट मंगा रहा है तो कोई विदेश से प्लांट आयात कर रहा है। मेरठ मंडल की चार शुगर मिल प्लांट लगाने जा रही हैं। अगले डेढ़ से दो महीने में इन मिलों के प्लांट ऑक्सीजन उगलना शुरू कर देंगे।

बारिश से मौसम हुआ सुहावना तापमान में आई गिरावट

मेरठ में रविवार देर रात तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद सोमवार को मौसम सुहावना रहा और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो आने वाले तीन दिनों तक बारिश व ओलावृष्टि की संभावना है। दिन के तापमान में चार डिग्री की गिरावट रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी उत्तर भारत के अधिकांश भागों में चक्रवाती हवाओं के कारण तेज हवा गरज, ओला के साथ हल्की बारिश हो रही है।
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यूपी: पुलिस ने किया खुलासा, कहासुनी की रंजिश में किया गया था बिजेंद्र का कत्ल, जानें- पूरा अपडेट

शामली में पुलिस ने गांव हरिपुर में 10 दिन पहले हुई दिव्यांग बिजेंद्र की हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि मामूली कहासुनी की रंजिश में उसकी हत्या की गई थी।

एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि एक मई को थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम हरिपुर के जंगल में बिटौडों के पास करीब 30 वर्षीय युवक का शव पड़ा है। मृतक की पहचान बिजेंद्र निवासी गांव हरिपुर के रूप में हुई थी। एसपी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया था और थाना पुलिस को घटना के जल्द खुलासे के निर्देेश दिए गए थे। मृतक के भाई रविंद्र की तरफ से हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सोमवार को गढ़ीपुख्ता पुलिस ने हत्या के आरोप में अंकित और रामवीर निवासी गांव हरिपुर को गिरफ्तार किया है।

एसपी के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में बताया कि घटना से करीब एक सप्ताह पूर्व उनकी बिजेंद्र से अभद्र भाषा को लेकर कहासुनी हुई थी। 30 अप्रैल की रात को आरोपियों को जानकारी हुई कि बिजेंद्र ट्यूबवेल चलाने को चाबी लेकर खेत पर गया है। उसी दौरान रात को आरोपियों ने उसी के गांव के निकट गमले से सिर पर प्रहार कर और गले में शर्ट का फंदा डालकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया।

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यूपी: जिला पंचायत सदस्य की खुलेआम गुंडागर्दी, बढ़ी खून-खराबे की आशंका, सबूत हैं ये तस्वीरें

मेरठ के मसूरी गांव में चुनाव की रंजिश के कारण खूनखराबे की आशंका बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य और पूर्व ग्राम प्रधान के बीच रंजिश चल रही है। इससे लगातार विवाद हो रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य की गुंडागर्दी भी इसी विवाद की असली जड़ है।

इंचौली क्षेत्र के मसूरी गांव में जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी और पूर्व प्रधान यशपाल सिंह के बीच विवाद है। बताया है कि यह विवाद प्रधानी चुनाव से शुरू हुआ। अबकी बार मसूरी गांव से अरुण चौधरी और योगेश प्रधान के बीच जिला पंचायत चुनाव में जबरदस्त टक्कर हुई। इसमें अरुण ने जीत हासिल कर ली। अब तीन दिन से लगातार दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टिप्पणी कर रहे हैं। इंद्रजीत के साथ हुई घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। अरुण का आरोप है कि इंद्रजीत सिंह को पूर्व प्रधान यशपाल सिंह बार-बार विवाद करने के लिए उकसा रहे हैं। उनके कहने पर वह कमेंटबाजी कर रहा था।
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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस आज : गजब का हौसला, जान जोखिम में डालकर निभा रहीं जिम्मेदारी 

कोरोना महामारी के इस दौर में चिकित्सीय स्टाफ ने अपना सब कुछ झोंका हुआ है। इनमें नर्स बेहद अहम भूमिका निभा रही हैं। जान पर खेलकर मरीजों का इलाज करने में मदद कर रही हैं। अपने घरों से दूर, परिवार से दूर रहकर भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर रही हैं। आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस है। इस दिन इनकी सेवा को याद करना बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना नर्सिंग स्टाफ के इस लड़ाई को लड़ना कतई मुमकिन नहीं है। ये चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। इनकी सहायता और सेवा के लिए ‘धन्यवाद’ शब्द भी छोटा लग रहा है। 

परिवार से दूर रहना पड़ता है 
नर्स शिल्पी वर्मा का कहना है कि ड्यूटी के दौरान परिवार से दूर रहना पड़ता है। क्या करें, बीमारी और जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। एहतियात के साथ फर्ज भी जरूरी है। 

ढाई साल की बच्ची से दूर 
नर्स सुनीता यादव की ढाई साल की बेटी है। उसे इन्होंने अपनी माता के पास छोड़ा हुआ है। ड्यूटी के कारण ऐसा करना पड़ता है। उनका कहना है कि बेटी से मिले कई-कई दिन बीत जाते हैं। 
 
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सावधान: महाराष्ट्र-गुजरात के बाद मेरठ भी पहुंचा 'ब्लैक फंगस', न्यूटिमा में मिले तीन मरीज, ये हैं लक्षण

कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा भी घेर रहा है। यह संक्रमण महाराष्ट्र-गुजरात के कुछ जिलों के बाद मेरठ में भी देखने को मिला है। न्यूटिमा अस्पताल में तीन ऐसे मरीज भर्ती हैं जिन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई है। इनमें एक मरीज मंगलवार को मिला है, जबकि दो मरीज सोमवार को मिले थे। इनमें तीनों कोविड पेशेंट हैं।
 
बताया गया कि मंगलवार को एक मरीज के परिवार वाले अस्पताल से रेफर कराकर ले गए हैं। अभी दो मरीज भर्ती हैं। दोनों मरीजों की हालत गंभीर हैं। इन दोनों का इलाज चल रहा है। जो तीन मरीज मिले हैं उनमें दो मरीज बिजनौर के रहने वाले हैं, जबकि एक मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।

न्यूटिमा अस्पताल के एमडी और वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि तीनों मरीज म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस या काली फफूंद) से पीड़ित हैं, जिनका डॉक्टर ब्लैक फंगस के लिए इलाज कर रहे हैं। कोविड की पहली लहर के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या देश में बहुत कम थी। देश में महाराष्ट्र और गुजरात में खास तौर पर म्यूकर माइकोसिस के मामले बढ़ रहे हैं। 

कोविड का इलाज करने के दौरान स्ट्राइड के ज्यादा इस्तेमाल से और शुगर बढ़ने के कारण आंख में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है यह इसका मुख्य लक्षण है। मरीजों की एक-एक आंख बुरी तरह से सूजी हुई है। 

क्या है ब्लैक फंगस
ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस फंगस की वजह से होने वाला दुर्लभ संक्रमण है। इंसान की नाक और बलगम में भी ये पाया जाता है। इससे साइनस, दिमाग, फेफड़े प्रभावित होते हैं। ये डायबिटीज के मरीजों या कम इम्युनिटी वाले लोगों, कैंसर या एड्स के मरीजों के लिए घातक भी हो सकता है। ब्लैक फंगस में मृत्यु दर 50 से 60 प्रतिशत तक होती है। 

ये हैं लक्षण
बीमारी में मरीज की नाक का बहना, चेहरे का सूजना, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द, खासी, मुंह के न भरने वाले छाले, दातों का हिलना और मसूड़ों में पस पड़ना आदि लक्षण दिखते हैं। ब्लैक फंगस को अक्सर कोविड के इलाज के दौरान दी गई दवाओं का साइड इफेक्ट माना जाता है।

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पंचायत चुनाव के बाद भाजपा में गहराई गुटबाजी, क्षेत्र से लेकर जिला इकाई के सिर फोड़ा जा रहा हार का ठीकरा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद भाजपा में गुटबाजी और ज्यादा गहराने लगी है। जिला पंचायत चुनाव में मिली करारी हार का ठीकरा क्षेत्रीय कमेटी से लेकर जिला कमेटी ही नहीं जनप्रतिनिधियों और अन्य नेताओं पर भी फोड़ा जा रहा है।

भाजपा पंचायत चुनाव को लेकर करीब डेढ़ साल से तैयारी कर रही थी, लेकिन नतीजा उसकी उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत निकला। इसका बड़ा कारण अति आत्मविश्वास, संगठन स्तर पर कमजोरी, जनप्रतिनिधियों को लेकर जनता के बीच पैदा हो रही नाराजगी मुख्य कारण रहा।

रही सही कसर प्रत्याशी चयन ने पूरी कर दी। सिफारिशों के दम पर ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतार दिए गए, जिनकी कोई पहचान क्षेत्र में नहीं थी। जनप्रतिनिधि भी उनके पक्ष में मजबूत माहौल नहीं बना पाए।
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प्रदेश की 50 चीनी मिलें लगा रहीं ऑक्सीजन प्लांट, गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने ली स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक 

प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए प्रदेश की 50 चीनी मिलें ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए काम कर रही हैं। जिसमें शामली, ननौता, देवबंद चीनी मिलें शामिल हैं।

जिले के मरीजों को सहारनपुर मेडिकल कालेज में त्वरित भर्ती करने के लिए सीएम योगी से कहा गया है। जिला मुख्यालय पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी पर ऑक्सीजन, ऑक्सीमीटर, रेमडेसिविर व अन्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मंगलवार शाम कलक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा, कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, विधायक तेजेंद्र निर्वाल के साथ कोरोना से बचाव, व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर जिले के स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
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रिकॉर्ड: मेरठ में एक दिन में 23 लोगों की मौत, छह जिलों में मिले 4415 नए संक्रमित मरीज, पढ़िए पूरा अपडेट

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मेरठ में कोरोना की रफ्तार तेज होती जा रही है। सोमवार को रिकॉर्ड 2190 संक्रमित मिले हैं, जबकि 23 लोगों की मौत हो गई। 13 मौत मेडिकल में और 10 निजी अस्पतालों में हुई। 19 मौत मेरठ की और बाकी आसपास के जिलों के थे। उधर, पश्चिमी यूपी के पांच जिलों में 2225 नए संक्रमित मरीज मिले हैं।

बता दें कि सोमवार को हुई 4656 सैंपलों की जांच में हर तीसरा मरीज संक्रमित निकला। इस लिहाज से करीब 47 प्रतिशत मरीज संक्रमित निकले हैं। 17682 सक्रिय मामले हैं। इनमें से 1658 अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 6442 होम आइसोलेशन में हैं। गांवों में जांच का विशेष अभियान चल रहा है। 68 लोगों को कोरोना की पुष्टि हुई है।

पांच जिलों में 12 की मौत, 2225 नए संक्रमित मिले
पश्चिमी यूपी के पांच जिलों में 12 लोगों की कोरोना से मौत हो गई, जबकि 2225 नए मरीज मिले हैं। सहारनपुर में छह, मुजफ्फरनगर में तीन, बागपत और शामली और बिजनौर में एक-एक मौत हुई है। सहारनपुर में 860, मुजफ्फरनगर में 781, शामली में 370, बिजनौर में 49 और बागपत में 165 नए संक्रमित मिल हैं।

सिक्के के दो पहलू होते हैं। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के भी हैं। एक तरफ यहां मरीजों को बेड के लिए इंतजार करना पड़ता है। बहुत बार बेड मिलता भी नहीं। इलाज में भी कोताही होती है। दूसरी तरफ, यह भी सच्चाई है कि सब जगह कोशिश करने के बाद भी जब कहीं बेड नहीं मिलता तो एक मात्र सहारा मेडिकल कॉलेज ही नजर आता है। मेरठ ही नहीं, आसपास के जिलों के भी मरीज यहीं इलाज करा रहे हैं।

सोमवार शाम तक मेडिकल में कोविड के 344 मरीज भर्ती थे। पिछले चार दिन में यहां से 152 मरीज ठीक होकर घर गए हैं। चार दिन में 157 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। इस दौरान 364 फोन कॉल्स रिसीव की हैं। मेरठ के 206 और आसपास के जिलों के 138 मरीज भर्ती हैं। यह मरीज गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, बागपत, सहारनपुर, शामली, बिजनौर और मुजफ्फरनगर आदि जिलों के हैं। 

बेहतर इलाज देने की कर रहे कोशिश 
यह तो नहीं कह सकते कि सब परफेक्ट है, लेकिन कोशिश यही है कि जो मरीज मेडिकल अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें बेहतर इलाज दिया जाए। हमारी पूरी टीम रात दिन जुटी है। - डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

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शामली : बाजार में कम नहीं हो रही भीड़, संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा, पुलिस ने दुकानदारों को दी कड़ी हिदायत

उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में कोरोना कर्फ्यू में कुछ दुकानदार ईद के त्योहार के मद्देनजर सामान बेचने के लिए कोरोना संक्रमण की परवाह न करते हुए जान जोखिम में डालकर प्रतिबंधित दुकानों को चोरी-छिपे खोल रहे हैं। पुलिस ने बाजार में इस तरह की दुकानों को बंद कराया और दुकानदारों को कार्रवाई करने की कड़ी हिदायत दी। उधर, पुलिस ने सड़कों पर बेवजह घूमने वाले वाहनों के चालान किए।

कोरोना कर्फ्यू में दैनिक उपयोग की वस्तुओं को सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक खोलने की छूट है। बाकी दुकानों को बंद रखने के निर्देश हैं, इसके बावजूद प्रतिबंधित दुकानों के बाहर दुकानदार सुबह ही खड़े हो जाते हैं और ग्राहकों से सामान के बारे में पूछते हैं। फिर शटर खोलकर ग्राहक को अंदर घुसाकर बाहर से शटर डाल देते हैं। 

ईद का त्योहार नजदीक आने के कारण दुकानदार सामान बेचने के लिए यह जोखिम उठा रहे हैं। मंगलवार को सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने पुलिस टीम के साथ बाजार में घूमकर प्रतिबंधित दुकानों में शटर के अंदर ग्राहक मिलने पर कड़ी फटकार लगाते हुए बंद कराया। बाजारों में दुकानों पर भीड़ में सोशल डिस्टेंस का पालन न होने से कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहता है। उधर, सड़कों पर बेवजह घूमने वाले वाहनों के पुलिस ने चालान किए। 

 कैराना में भी चोरी छिपे खुल रही प्रतिबंधित दुकानों को पुलिस ने बाजार में घूमकर बंद कराया। दोपहर 12 बजे पुलिस ने दैनिक उपयोग वाली खुली दुकानों को बंद कराया। इसके बाद पुलिस सड़क पर घूमने वाले करीब 120 से अधिक वाहनों के चालान किए।
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यूपी: अफसरों के दावों की खुल रही पोल, अस्पतालों में खाली नहीं हैं बेड, तड़प रहे मरीज, तस्वीरें

अफसर अस्पतालों से मरीजों को वापस नहीं लौटाए जाने का दावे कर रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। निजी कोविड अस्पतालों में अब भी मरीजों को बेड नहीं है कहकर टाला जा रहा है। सोमवार रात नौ बजे शहर के तमाम अस्पतालों में एक कोविड मरीज को भर्ती कराने के लिए फोन किया, लेकिन अधिकतर ने बेड नहीं है... कहकर फोन काट दिया। कई अस्पतालों के दिए गए नंबर पर कई-कई बार कॉल करने पर फोन नहीं उठा। ऐसे में सवाल ये है कि इन अस्पतालों की मॉनिटरिंग कौन कर रहा है... 

सोमवार को मेरठ में प्रदेश में सबसे अधिक मरीज मिले हैं। इससे दहशत का माहौल है। अधिकतर लोग मजबूरी में घर में रहकर ही मरीजों का इलाज करा रहे हैं। एक कोविड मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए शहर के तमाम अस्पतालों का रियल्टी चेक किया तो अधिकतर जगह से ना सुनने को मिला। 
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बड़ा खुलासा: एसएसबी के जवान ने रची थी खौफनाक साजिश, फिर चाचा-भतीजे का कत्ल, राज खुला तो सामने आई ये वजह

बिजनौर के गांव धौकलपुर में चाचा-भतीजे की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार हत्या करने की सारी पटकथा ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान आरोपी सशस्त्र सीमा बल के जवान नितिन ने लिखी थी। एक माह से ज्यादा समय तक वह गांव में रहा और हत्या का ताना बाना बुनता रहा। नितिन का मकसद अपने पिता की हत्या का बदला लेना था। इसी कारण से वह गांव आया था। हत्या के लिए उसने अपने दोनों भाइयों को पहले ही तैयार कर लिया था।

नितिन बिहार के दानापुर में सशस्त्र सीमा बल में तैनात है। एक माह पहले वह छुट्टी पर गांव आया था। अपनी मां केलो देवी को चुनाव के लिए तैयार किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नितिन अपनी मां को चुनाव लड़ाने नहीं आया था, बल्कि पिता की हत्या का बदला लेने के लिए आया था। इसके लिए उसने अपने छोटे भाई कृष्णा कुमार व अनुज को तैयार किया।
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यूपी: कफन चोरी करने का मामला पकड़ रहा तूल, वीडियो दिखाने वाले को एक लाख का इनाम देने की घोषणा

बागपत के बड़ौत में नगर व देहात क्षेत्र के श्मशान से कफन चोरी करने का मामला तूल पकड़ रहा है। जेल भेजे गए आरोपियों के समर्थन में व्यापारी लामबंद हो रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर व्यापारियों को फंसाने का आरोप लगाया। साथ ही व्यापारियों ने घोषणा की कि जो भी शख्स कफन चोरी का वीडियो दिखाएगा, उसे एक लाख रुपये का इनाम देंगे। इस मामले को लेकर व्यापारियों ने एसपी से भी फोन पर नाराजगी जताई।

कोतवाली पुलिस ने रविवार को नगर व देहात क्षेत्र के श्मशान से कफन चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग चोरी किए कफन और कपड़ों को धुलाई, प्रेस करके और कंपनी के स्टीकर लगाकर दुकानों पर बेचते थे। पुलिस ने प्रवीण जैन व उसके पुत्र आशीष जैन, भतीजा ऋषभ जैन, श्रवण शर्मा पुत्र राममोहन शर्मा निवासी शबगा, छपरौली, राजू शर्मा निवासी फूंस वाली मस्जिद के पीछे बड़ौत, बबलू निवासी गुराना रोड बड़ौत और शाहरुख खान निवासी फूंस वाली मस्जिद को गिरफ्तार किया था। इनकी निशानदेही पर कफन एवं अन्य कपड़े बरामद कर जेल भेज दिया था। आरोप है कि पुलिस ने झूठे केस में व्यापारियों को फंसाया है। इससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली के प्रति आक्रोश है। इस संबंध में व्यापारी नेता नवनीत जैन, मुदित जैन ने फोन पर एसपी बागपत से पारदर्शिता के साथ प्रकरण की जांच कराने की मांग की।

एक लाख रुपये देने की घोषणा
पश्चिमी उप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के ग्रुप पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। व्यापारी पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाते रहे। इस दौरान ग्रुप पर ही व्यापारी बिट्टू गर्ग ने दावा किया कि यह सब पुलिस प्रशासन का षड्यंत्र है। यदि पुलिस-प्रशासन या अन्य शख्स के पास कफन चोरी का वीडियो है तो दिखाए। उसे एक लाख रुपये का इनाम देंगे।

एसआई ब्रजेश देओल को सौंपी जांच
एसपी के निर्देश पर प्रकरण की जांच कोतवाली में तैनात एसआई ब्रजेश देओल को सौंपी है। बताया कि इस प्रकरण में आरोपियों के कुछ और साथी हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

पुलिस के पास पुख्ता सबूत
सीओ आलोक सिंह का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं। पिछले कई दिन से पुलिस को नगर व आसपास के लोग फोन करके श्मशान से कफन चोरी की शिकायत कर रहे थे। इसके बाद टीम बनाकर आरोपियों को पकड़ा है।

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मेरठ: पंडित सुनील भराला ने किया मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण, सुनीं मरीजों की समस्याएं

उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पंडित सुनील भराला मंगलवार को मेरठ मेडिकल कॉलिज में मरीजों का हाल जानने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया और मरीजों की समस्याएं सुनीं।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों को बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि लगभग एक महीने से सुनील भराला कोरोना पॉजिटिव थे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।

मेडिकल कॉलेज ने ही संभाल रखा है कोरोना का प्रहार

सिक्के के दो पहलू होते हैं। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के भी हैं। एक तरफ यहां मरीजों को बेड के लिए इंतजार करना पड़ता है। बहुत बार बेड मिलता भी नहीं। इलाज में भी कोताही होती है। दूसरी तरफ, यह भी सच्चाई है कि सब जगह कोशिश करने के बाद भी जब कहीं बेड नहीं मिलता तो एक मात्र सहारा मेडिकल कॉलेज ही नजर आता है। मेरठ ही नहीं, आसपास के जिलों के भी मरीज यहीं इलाज करा रहे हैं।

सोमवार शाम तक मेडिकल में कोविड के 344 मरीज भर्ती थे। पिछले चार दिन में यहां से 152 मरीज ठीक होकर घर गए हैं। चार दिन में 157 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। इस दौरान 364 फोन कॉल्स रिसीव की हैं। मेरठ के 206 और आसपास के जिलों के 138 मरीज भर्ती हैं। यह मरीज गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, बागपत, सहारनपुर, शामली, बिजनौर और मुजफ्फरनगर आदि जिलों के हैं। 

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