पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, घृति योग में होली

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Thu, 05 Mar 2020 02:00 AM IST
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होली पर इस बार गुरु और शनि अपनी अपनी राशि में होंगे। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और धृति योग में सोमवारीय पूर्णिमा पर होली का पर्व मनाया जाएगा। सूर्य देव मीन राशि पर तथा चंद्र देव सिंह राशि पर होंगे। भद्रा का वास पृथ्वी पर दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा। यह समय भद्रा और पंचक मुक्त होगा। 499 साल बाद गुरु और शनि एक साथ सूर्य नक्षत्र में आने से शुभ फलदायक होंगे।
सर्वार्थ सिद्धि योग में होलिका दहन होगा। ज्योतिष वैज्ञानिक भारत ज्ञान भूषण के अनुसार, लंबे समय बाद ऐसा होगा कि जब होलिका दहन के आसपास भद्रा की छाया नहीं होगी। इस तरह का योग आना बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसे में सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएंगी। साथ ही गुरु अपनी धनु राशि में और शनि अपनी मकर राशि में रहेंगे। इससे पहले ऐसा शुभ योग 1521 में बना था। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रालॉजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार, भद्रा रहित लग्न में होलिका दहन इस बार 9 मार्च को गोधूलि बोला के तुरंत बाद शाम लगभग 6:22 से 7:10 बजे तक अति विशेष मुहूर्त हैं। हालांकि दहन 8:52 मिनट तक किया जा सकता है। होलिका पूजन दोपहर 1:14 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
शुभ मुहूर्त
होलिका दहन: शाम 6:22 से 7:10 बजे तक विशेष
होलिका दहन: रात 8:52 तक भी कर सकते हैं।
पूजन मुहूर्त: दोपहर 1:14 से शाम 6:00 बजे तक
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