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पीटीएस से फर्जी महिला प्रशिक्षु गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 19 Jun 2019 04:09 AM IST
आरक्षी के पिता से बातचीत करती पुलिस
आरक्षी के पिता से बातचीत करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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खरखौदा/मेरठ। हापुड़ रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में ट्रेनिंग लेती फर्जी महिला प्रशिक्षु प्रीति पुत्री राजकुमार निवासी नहटौर बिजनौर को खरखौदा पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। यह महिला पीटीएस में कैसे फर्जी तरीके से सिपाही का प्रशिक्षण लेने पहुंच गई, इसको लेकर सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे है।
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पीटीएस के हवलदार मेजर औतारी सिंह के मुताबिक पीटीएस में 403 महिला प्रशिक्षु सिपाही पद के लिए ट्रेनिंग ले रही हैं। सोमवार रात करीब आठ बजे सभी महिला प्रशिक्षुओं की गणना की गई। इस दौरान एक प्रशिक्षु अतिरिक्त मिली। इस संबंध में टोली कमांडर से पूछा गया तो उन्होंने सोमवार रात ही एक महिला प्रशिक्षु का आना बताया।
उक्त महिला प्रशिक्षु के बारे में जानकारी की गयी तो पता चला कि बरेली से अवकाश के बाद इस महिला प्रशिक्षु की वापसी हुई है। लेकिन इस मामले में जानकारी करने पर बरेली के प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) ने प्रीति पुत्री राजकुमार नाम की महिला आरक्षी होने से इंकार कर दिया। जीडी में भी इस नाम की किसी महिला की आमद होने से इंकार किया गया। पीटीएस की वार्डन रंजना शर्मा ने जब तलाशी ली तो इस महिला के पास से लखीमपुर खीरी के सीओ सिविल लाइन द्वारा जारी परिचय पत्र, बेल्ट, टोपी, आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्र बरामद हुए।
फर्जी प्रशिक्षु प्रीति पुत्री राजकुमार निवासी जलालपुर आसरा थाना नहटौर बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि इस महिला प्रशिक्षु ने खुद को प्रीति पुत्री रोहताश बताया था। हवलदार मेजर ने आरोपी प्रशिक्षु के खिलाफ खरखौदा थाना पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रशिक्षण में फेल होने पर खेला दांव
सीओ पीटीएस वंदना मिश्रा के मुताबिक प्रीति पुत्री राजकुमार और प्रीति पुत्री रोहताश निवासी नहटौर ने आरक्षी पद के लिये टेस्ट दिया था। लेकिन प्रीति पुत्री राजकुमार असफल रही थी। इस सफल अभ्यर्थियों के बैच को प्रशिक्षण के लिए लखीमपुर खीरी से रायबरेली भेजा गया। आरोपी प्रशिक्षु प्रीति वहां भी पहुंच गई थी तो उसे वहां से परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया था। लेकिन उसके बावजूद उक्त महिला प्रशिक्षु सोमवार को पीटीएस मेरठ में पहुंच गई।

फर्जी आरक्षी ने ट्रेनिंग ली, क्या था उसका मकसद   
मेरठ।
फर्जी आरक्षी प्रीति ने बरेली, रायबरेली और लखीमपुर खीरी पीटीएस में ट्रेनिंग ली है। लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन के सीओ द्वारा प्रमाणित फर्जी प्रमाणपत्र प्रीति के पास से बरामद हुआ है। आईजी पीटीएस ने मामले की गंभीरता को देखते फर्जी आरक्षी प्रीति की भूमिका को संदिग्ध बताते आतंकी इनपुट तलाशने की बात कहीं। वहीं, एडीजी मेरठ जोन को चिट्ठी लिखकर मेरठ पीटीएस की सुरक्षा बढ़ाने को बात कही।
बिजनौर निवासी प्रीति के पास तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक वस्तु, खीरी जनपद के सीओ लाइन के कथित हस्ताक्षर से निर्गत आईकार्ड, किट का सामान, पुलिस की वर्दी में फोटो समेत अन्य सामान बरामद हुआ। मेरठ पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि प्रीति बरेली, रायबरेली और लखीमपुर खीरी की पीटीएस में ट्रेनिंग करके आई थी। गणना के दौरान उसको पकड़ा गया, लेकिन किसी ने उसको दंडित नहीं किया। बरेली से रायबरेली और वहां से लखीमपुर खीरी प्रीति गई थी। खीरी पुलिस लाइन के सीओ द्वारा प्रमाणित फर्जी आई कार्ड देखकर मेरठ पुलिस ने तीनों जनपदों के पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। जिसमें तीनों जनपदों के अधिकारियों ने फर्जी आरक्षी प्रीति का नाम लिस्ट में न होने की बात पुलिस को बता दी।
आतंकी इनपुट भी तलाशा जा रहा
प्रीति
बिजनौर की निवासी है और तीन जनपदों में फर्जी तरीके से ट्रेनिंग भी कर आई। इसको लेकर आईजी पीटीएस लक्ष्मी सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। आईजी लक्ष्मी सिंह ने फर्जी आरक्षी से पूछताछ के बाद ही अगली कार्रवाई करने की बात कहीं। इसको लेकर पुलिस ने आतंकी कनेक्शन भी तलाशा। अंदेशा जताया कि कहीं युवती का कोई दूसरा मकसद तो नहीं था। इसको लेकर पुलिस विभाग में अलग चर्चाएं भी हैं।
सुरक्षा के कड़े होने चाहिए इंतजाम
पीटीएस
में सिक्योरिटी का इंतजाम नहीं है। मेरठ पीटीएस में दूसरे जनपदों से ट्रेनिंग करने के लिए महिला आरक्षी आती हैं। सुरक्षा मेरठ पुलिस पर निर्भर है। जनपद गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ से एक-एक आरक्षी मिला है। एनसीआर क्षेत्र में महिला आरक्षी की ट्रेनिंग का मेरठ पीटीएस सबसे बड़ा सेंटर है। खासतौर पर लड़कियों की ट्रेनिंग के दौरान पीटीएस सुरक्षा दृष्टि से अतिसंवेदनशील है। पीटीएस 80 एकड़ एरिया में है। चारों तरफ जंगल है। इससे पहले भी लापरवाही कई बार उजागर हो चुकी है। इसके चलते एक मुख्य आरक्षी और 12 सिपाहियों की तैनाती की मांग एडीजी से की गई है।
परिजनों ने बताया निर्दोष
नहटौर
(बिजनौर)। नहटौर पुलिस ने जलालपुर आसरा गांव पहुंचकर प्रीति के परिजनों से पूछताछ के अलावा उसकी पारिवारिक स्थिति की जानकारी जुटाई। परिवार के लोग उसे निर्दोष बता रहे हैं। परिजनों ने ज्वाइनिंग लेटर आने की बात कही है। वह लखीमपुर खीरी, बरेली के बाद पीटीएस मेरठ गई।


मेरिट मेें नंबर नहीं आया, फिर भी अड़ी रही प्रीति   
मेरठ।
बिजनौर के राजकुमार की बेटी प्रीति का पुलिस भर्ती की मेरिट में नंबर नहीं आया। लेकिन वह जबरन पुलिस में शामिल होने पर अड़ी रही। इसको लेकर बरेली, लखीमपुर खीरी व फिर मेरठ के पीटीएस में ट्रेनिंग करने पहुंच गई। फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। लेकिन पकड़ी गई। उसका खामियाजा प्रीति को भरना पड़ गया। प्रीति को आखिरकार जेल जाना पड़ा।
साल 2018 की पुलिस भर्ती में बिजनौर जिले से 96 लड़कियों के नंबर आए। उसमें प्रीति पुत्री राजकुमार निवासी जलालपुर आरा, नहटौर बिजनौर का नंबर नहीं आया। जबकि प्रीति ने फिजिकल और लिखित परीक्षा पास की थी। लेकिन मेरिट में उसका नंबर नहीं आया। मेरिट में नंबर न होने के बाद भी प्रीति जबरन पुलिस में भर्ती होने को अड़ी रही। बिजनौर से सभी 96 लड़कियों को ट्रेनिंग के लिए बरेली, रायबरेली व लखीमपुर खीरी में भेजा गया। प्रीति वहां भी पहुंची। लेकिन उसको वहां से निकाल दिया गया।
14 जून 2019 को प्रीति पीटीएस लखीमपुर खीरी में पकड़ी गई। जहां गणना के दौरान उसको पकड़ा गया। उसके बाद पुलिस ने हिदायत देकर उसको वहां से भेजा। कहा कि बिजनौर से आपका लिस्ट में कोई नाम आया। सोमवार को प्रीति मेरठ पीटीएस में पहुंची। जहां पर गणना के दौरान उसको पकड़ लिया गया। उसकी जानकारी करने पर पता चला कि वह बिजनौर में पुलिस भर्ती के दौरान असफल हो गई थी। इसके बाद भी वह जबरन ट्रेनिंग सेंटर में जाकर पुलिस में शामिल होने का प्रयास कर रही है।
लखीमपुर खीरी से बनवाए फर्जी कागज
प्रीति पुत्री राजकुमार को जानकारी थी कि उसके गांव के पास वाले गांव में प्रीति पुत्री रोहताश का नंबर आया था। वह रायबरेली में ट्रेनिंग कर रही है। इसको देखते प्रीति ने फर्जी कागज बनवाए। उसमें अपने पिता राजकुमार की जगह रोहताश लिखवा दिया। ताकि जांच में पुलिस उसको न पकड़ पाए। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
आशा ज्योति केंद्र में की गई पूछताछ
फर्जी प्रशिक्षु प्रीति को मेडिकल स्थित आशा ज्योति केंद्र में रखा गया। जहां प्रीति से घंटो पूछताछ हुई। सीओ किठौर आलोक सिंह ने बताया कि प्रीति ने पूछताछ में बताया कि असफल होने के चलते उसके ऐसा ही किया। इसके अलावा उसका कोई मकसद नहीं है। इसको लेकर प्रीति से पुलिस ने अलग-अलग सवाल किए और कई ट्रेनिंग सेंटरों से इसकी जानकारी ली गई।
जांच की जा रही है
प्रशिक्षण के दौरान एक युवती को पकड़ा है, जोकि फर्जी प्रशिक्षु थी। उसके पास से कुछ फर्जी कागज मिले। प्राथमिक पूछताछ के बाद फर्जी प्रशिक्षु प्रीति को खरखौदा पुलिस को सौंपा गया है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। -सुनील कुमार, पुलिस अधीक्षक पीटीएस

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