‘बंजर’ हो गई स्टेडियम की पिच

Meerut Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। यूपी रणजी से लेकर इंडिया ए टीम के लिए धुरंधर खिलाड़ी देने वाले कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट की पिच ‘बंजर’ हो चुकी है। स्टेडियम खिलाड़ियों पर हजारों रुपये खर्च करता है, लेकिन कोई खिलाड़ी यूपी टीम में जगह नहीं बना पाता। कोच भी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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स्टेडियम में न तो उस दौर में स्पोर्ट्स हॉस्टल था और न ही उतनी सुविधाएं, लेकिन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स के कोच केके गौतम, जीआर गोयल जैसे प्रशिक्षकों ने कई राष्ट्रीय खिलाड़ी स्टेडियम में तैयार किए। स्टेडियम में क्रिकेट का ककहरा सीखने वाले संजीव प्रताप सिंह चौहान, सुभाष शर्मा विपिन वत्स, केके शर्मा, सुरेंद्र चौहान, अजीत त्यागी ने अपने दौर में रणजी टीम में तो मनोज मुदगल इंडिया ए टीम में धमाकेदार क्रिकेट खेला। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन का ही दमखम है कि आज मेरठ में क्रिकेट ऊंचाइयां छू रहा है। अब स्टेडियम में क्रिकेट एकेडमी है। स्टेडियम में 2008 में क्रिकेट हॉस्टल शुरू हुआ, लेकिन नतीजा सिफर ही है।
हर साल 60 हजार का खर्च
खेल निदेशालय द्वारा क्रिकेट हॉस्टल में रहने वाले 25 खिलाड़ियों पर हर साल 60 हजार और तीन साल में 1.80 लाख रुपये खर्च करती है। जब से स्पोर्ट्स हॉस्टल शुरू हुआ है, तब से अब तक स्टेडियम एक भी बेहतर खिलाड़ी नहीं दे सका, जो बीसीसीआई की बोर्ड ट्रॉफी में दस्तक दे सके।

आते हैं और चले जाते हैं खिलाड़ी
खेल निदेशालय द्वारा मेरठ क्रिकेट हॉस्टल में अंडर-14 से तीन साल के लिए खिलाड़ियों का चयन होता है। हैरानी की बात है कि तीन साल तक प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ी चयन के पैमाने पर खरे नहीं उतरते और तीन साल बाद हॉस्टल से बाहर हो जाते हैं। वर्तमान वर्ष में अंकित, शशांक, मनोज, असद, सरफराज खान, अमन वर्मा, हर्षवर्धन, अवतार सिंह हॉस्टल से बाहर जाने वाले की कगार हैं।

कोच नहीं कराते नेट प्रैक्टिस
नाम न छापने की शर्त पर हॉस्टल खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम क्रिकेट कोच नवीन त्यागी फिजिकल प्रैक्टिस ही कराते हैं, लेकिन नेट प्रैक्टिस नहीं होती। हमें खुद ही नेट पर अभ्यास करना होता है, जिसके कारण हमारा स्किल डेवलपमेंट नहीं हो पाता। यही वजह है कि जिला स्तरीय क्रिकेट ट्रायल में खिलाड़ी बाहर हो जाते हैं।

क्रिकेट स्पोर्ट्स हॉस्टल होने के बावजूद भी परिणाम न आना आश्चर्यजनक है। इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी।
- आरएन सिंह, आरएसओ, कैलाश प्रकाश स्टेडियम
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