मूल्यांकन व्यवस्था बदलने की तैयारी

Meerut Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मेरठ। सीसीएसयू की मूल्यांकन गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों को फेल करने और मेरीटोरियस छात्रों के कम नंबर आने की शिकायतें विवि को मिल रही हैं। आरटीआई में कॉपी देखने वालों की भीड़ भी गड़बड़ी की तरफ इशारा करती है। विवि निगरानी के लिए कुछ कदम उठाने जा रहा है, जिससे सुधार हो सके।
विज्ञापन

सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक में एमएससी केमिस्ट्री के दो मामले ऐसे रखे गए थे जिनमें मूल्यांकनकर्ता की गलती थी। रैंडम सैंपलिंग में जांची गई कॉपियों की शिकायत सही मिली। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई और अब कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन होगा। सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे तीन-चार कमियां हैं। मूल्यांकन बारकोड से होता है। कॉपी की पहचान गुप्त रहती है इसलिए इरादतन गड़बड़ी की संभावना बेहद कम है। पारिश्रमिक के चक्कर में अधिक कॉपी जांचने पर असर पड़ रहा है। सूत्रों पर विश्वास करें तो कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जिनका स्पेशलाइजेशन नहीं होता फिर भी कॉपी जांचने के लिए हामी भर देते हैं। विवि और शिक्षक स्तर पर यह लापरवाही बरती जाती है। बारीकी से इसको देखा नहीं जाता। यह शिक्षक औसत नंबर देते हैं। इसमें मेरीटोरियस छात्रों को नुकसान होता है। मूल्यांकन को लेकर आ रही लगातार शिकायतों को देखते हुए विवि हेड एग्जामनर तैनात करने की सोच रहा है। मूल्यांकन के दौरान हेड एग्जामनर रैंडमली कॉपी चेक करके देखेगा। इसी तरह मूल्यांकन केंद्र पर डिप्टी कंट्रोलर संबंधित विषय का तैनात करने की तैयारी है। जो शिक्षकों के स्पेशलाइजेशन को जानता हो। इन तैयारियों को जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा। 20 मई के आसपास विवि मूल्यांकन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us