स्टेशन मॉडल, सुविधाएं ढूंढ़ते रह जाओगे

Meerut Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। ए श्रेणी के सिटी स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा मिले करीब चार साल हो गए हैं। इसके नाम पर शुरुआत में कुछ सुविधाएं भी मिलीं, पर उतनी नहीं, जितनी मिलनी चाहिए थीं। इसके साथ मॉडल स्टेशन बने गाजियाबाद से तुलना करें तो हम 20 फीसदी सुविधाएं भी नहीं पा सके हैं। यही वजह है कि सिटी स्टेशन यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से महरूम है। 25 हजार यात्रियों के रोजाना सफर करने और 56 ट्रेनों के गुजरने के बाद भी न बैठने को पर्याप्त बेंच है और न ही हर प्लेटफार्म पर शौचालय।
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सिटी स्टेशन करीब चार साल पहले मॉडल स्टेशन घोषित किया गया था। इससे उम्मीद जगी थी कि अब न सिर्फ स्टेशन चकाचक होगा, बल्कि यात्री सुविधाएं भी बढ़ेंगी। योजना के तहत स्टेशन पर पीआरएस भवन, कोच इंडिकेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन, टच स्क्रीन कियोस्क आदि तो मिले, लेकिन आधुनिक रेल अस्पताल, शौचालय, प्लेटफार्म नवीनीकरण, शेड विस्तारीकरण, बेंच, आधुनिक वाटर बूथ और वाटर कूलर आदि नहीं।
वाटर बूथों से गरम पानी:
प्लेटफार्म नंबर एक स्थित वाटर बूथ पर चार वाटर प्वाइंट है। चारों को टोंटी की बजाय लकड़ी की डाट लगाकर बंद किया गया है। इसके अलावा एक दो को छोड़कर बाकी शीतल जल वाले बूथ गरम पानी उगल रहे हैं।
सुरक्षा का तो बुरा हाल:
स्टेशन की सुरक्षा आरपीएफ और जीआरपी के भरोसे है। एक महीने से जीआरपी थाने का लैंड लाइन नंबर नॉन पेमेंट में कटा है। थाने और प्लेटफार्म नंबर एक पर लगा सीसीटीवी कैमरा बंद पड़ा है। ऐसे में न तो संदिग्ध यात्री पकड़ में आ सकते हैं और न ही किसी अपराध की सूचना थाने के फोन पर दी जा सकती है। स्टेशन पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी नहीं है।
नया मिला नहीं, पुराना भी गया:
पार्सल भवन पर एक वाटर कूलर लगा था, जो पिछले साल सितंबर से खराब पड़ा है। नया लगाने के नाम पर इसे उठवा लिया गया, जो अब तक नहीं लग सका है। वाटर कूलर व्यवस्था देख रहे रेलवे के जूनियर इंजीनियर संदीप शर्मा ने बताया कि वाटर कूलरों की कमी है। यहां मई के अंत तक वाटर कूलर लग सकेगा।
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स्टेशन पर ट्रेनें और कमाई:
- ट्रेन 56 (अप-डाउन)
- यात्री करीब 25 हजार रोजाना
- जनरल टिकट बुकिंग करीब 5.70 लाख रुपये रोजाना
- रिजर्वेशन से आय करीब 5.50 लाख रुपये रोजाना
- पार्सल से आय करीब 85 हजार रुपये रोजाना
- मंडी साइडिंग से आय करीब 80 हजार रुपये रोजाना
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इन दिक्कतों से चाहिए मुक्ति:
- रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक शौचालय
- पानी और बिजली व्यवस्था का टोटा
- सेकेंड स्लीपर क्लास महिला वेटिंग हाल पर ताला
- कार पार्किंग की सुविधा नहीं
- स्टेशन चारों तरफ से खुला, सुरक्षा रामभरोसे
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गाजियाबाद और मेरठ सिटी में उपलब्ध सुुविधाएं:
सुविधा गाजियाबाद मेरठ
फूड प्लाजा है नहीं
सीसीटीवी कैमरे 45 लगे हैं नहीं
शौचालय सभी प्लेटफार्म पर नहीं
एस्केलेटर नहीं नहीं
वीआईपी वेटिंग हाल है है
डॉरमेट्री नहीं है
लगेज स्कैनर है नहीं
मॉडल शॉप है नहीं
एटीडब्ल्यूएम है है
टच स्क्रीन कियोस्क है है
पर्याप्त बेंच है नहीं
आधुनिक वाटर बूथ है नहीं
नोट: दोनों स्टेशन साथ ही मॉडल स्टेशन की श्रेणी में शामिल किए गए हैं।
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वर्जन
समर सीजन में यात्रियों को ठंडे पानी, बेंच और शेड आदि की पर्याप्त सुविधाएं देने के लिए कहा गया है। अगर सिटी स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव है तो जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराकर सही कराया जाएगा।
-एएस नेगी, सीपीआरओ नार्दन रेलवे
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