बत्तख पालकर लाभ कमाएं किसान

Meerut Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक बत्तख पालन को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। वे किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
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विवि में एकीकृत कृषि प्रणाली पर काम किया जा रहा है। डक फार्मिंग पर चल रहे काम के लिए बाहर से व्हाइट पैकिंग नस्ल की बत्तख मंगवाईं गई हैं। इनके अंडाें से बच्चे निकाले जा रहे हैं। विवि प्रशासन प्राइवेट हैचरी को अंडे दे रहा है, और वहां पर मशीन के माध्यम से अंडाें से बच्चे निकलवाए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट के मुख्य अन्वेषक डॉ. मोहनलाल ने बताया कि तीन रुपये अंडे के हिसाब से बच्चे निकाले जा रहे हैं, जिन्हें फॉर्म पर तैयार किया जा रहा है। किसान बत्तख के साथ मछली पालन भी कर सकता है। बत्तख के तालाब में होने से जहां उसकी बीट से मछली को भोजन मिलता है, वहीं उसके चलने से ऑक्सीजन भी भरपूर मात्रा में मिलती है। इससे मछली की ग्रोथ अच्छी होती है। विवि के पास करीब 150 अंडे हैं, सौ के करीब बच्चे भी हैं। डा. मोहनलाल ने बताया कि मोदीनगर निवासी किसान मोहन, बड़कली, पबरसा, सिवाया और किठौर आदि क्षेत्राें के किसान इस व्यवसाय के बारे में जानकारी ले रहे हैं। कुलपति डॉ. एचएस गौड़ ने बताया क्षेत्र में इसकी डिमांड बढ़ रही है। विवि के फार्म पर आकर किसान बत्तख पालन के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
घर की सुरक्षा भी कर सकती है
डा. मोहनलाल ने बताया कि बत्तख घर की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। रात में अगर आपके घर चोर आ जाए तो वह अपने अंदाज में सूचना दे देती है। किसान अपने घराें में बत्तख पाल रहे हैं।
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