सुलझ नहीं रही दक्षिण की सियासी पहेली

Meerut Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। मेरठ-हापुड़ सीट के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदान की पहेली उलझी नजर आ रही है। लोकसभा क्षेत्र में शामिल पांचों विधानसभाओं में मतदाताओं की दृष्टि से सबसे बड़ी यह सीट भाजपा के कब्जे में है। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो भाजपा यहां बसपा से पिछड़ गई थी। ऐसे इस बार मतदाताओं के रुख पर कोई चाहे जो दावे करे, लेकिन अंदर से सभी यहां की सियासी पहेली में उलझे ही हैं।
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दक्षिण सीट पर 412294 मतदाता हैं। इस सीट पर इस बार 61.54 प्रतिशत मतदान हुआ है। मतलब साफ है कि कुल 253730 वोटरों ने मतदान किया। मेरठ शहर के साथ ही देहात का भी कुछ हिस्सा इस विधानसभा में शामिल है। बात अगर जातिगत आंकड़ों की करें तो मुस्लिम मतदाता सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद दलित और वैश्य मतदाता आते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की यहां कांटे टक्कर हुई थी। लेकिन वर्तमान भाजपा सांसद यहां से बसपा प्रत्याशी मलूक नागर से करीब 450 वोटों से पिछड़े थे। अहम बात यह है कि मुख्य पार्टी से अकेले मुस्लिम प्रत्याशी होने के बावजूद कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर को तब करीब 40 हजार वोट ही मिले थे।
भाजपा इसलिए उत्साह में:
इस बार भाजपा दक्षिण विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर उत्साहित है। यहां भाजपा के रविंद्र भड़ाना, बसपा के राशिद अखलाक से करीब 10 हजार वोटों से जीते थे। जबकि सपा प्रत्याशी आदिल चौधरी तीसरे और रालोद-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी मंजूर सैफी चौथे नंबर पर थे।
सभी प्रत्याशियों में है बेचैनी:
लोकसभा चुनाव में विधानसभा के आंकड़े और कयास मेल नहीं खा रहे हैं। इससे सभी प्रत्याशी बेचैन हैं। इस बार सपा और बसपा से मुस्लिम प्रत्याशी हैं। ऐसे में मुस्लिम मतों का बंटना तो तय है, लेकिन कौन ज्यादा वोट ले रहा है, इसे लेकर सिर्फ दावे हैं। बात अगर भाजपा की करें तो दक्षिण विधानसभा के कई गांवों और शहरी क्षेत्र में भी भाजपा प्रत्याशी को लेकर नाराजगी थी। ऐसे में यहां के वोटों पर सबके अपने-अपने दावे हैं।
बढ़े मतदाताओं को लेकर संशय:
पिछले लोकसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव के बाद भी बढ़े मतदाताआें के आंकड़े संशय की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। इस वजह से दावे तो सभी कर रहे हैं, लेकिन इनके पीछे संशय की स्थिति साफ नजर आ रही है। मुस्लिम मतदाताओं के बाद वैश्य, दलित, गुर्जर और ब्राह्मण मतदाता यहां निर्णायक स्थिति में हैं।
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वर्ष-2009 की तस्वीर:
भाजपा 44202
बसपा 44689
सपा 40218
कांग्रेस 12023
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