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..तो गेहूं की पैदावार घटा देंगे किसान

Meerut Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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मेरठ/नई दिल्ली। गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हुई 65 रुपये के मामूली वृद्धि किसान खफा हैं। उनकी नाराजगी का आलम यह है कि उन्होंने लाभकारी मूल्य प्राप्त करने के लिए अगले सीजन से पैदावार घटाने तक की बात कह दी है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को बताया कि सीजन से पूर्व गेहूं के एमएसपी में बढ़ोतरी को लेकर कृषि मंत्री शरद पवार से बातचीत हुई थी। किसानों ने इनपुट कास्ट में जबरदस्त बढ़ोतरी का हवाला देते हुए गेहूं के एमएसपी में कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने की मांग की थी। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया था कि वे किसानों को गेहूं का लाभकारी मूल्य दिलाने की कोशिश करेंगे। पवार के आश्वासन के विपरीत सरकार ने गेहूं के एमएसपी में सिर्फ 65 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी करके किसानों से धोखा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब लागत नहीं, बल्कि पैदावार के हिसाब से फसलों के मूल्य तय कर रही हैं। लिहाजा अब किसान मजबूरन पैदावार घटाने का फैसला कर सकते हैं।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। रालोद के वरिष्ठ नेता डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि डीएपी, यूरिया आदि में हुई दोगुनी वृद्धि से लागत बढ़ी है। फसल का दाम तय करने से पहले सरकार को पूरी जानकारी लेकर ही निर्णय लेना चाहिए।

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