नगर निगम बना कुंभकरण, नहीं टूट रही नींद

Meerut Updated Fri, 21 Dec 2012 05:31 AM IST
मेरठ। शहर की बाहरी कालोनियों को देख भले ही शहर के विकसित होने का आभास होता हो, लेकिन भीतरी इलाके गांव से भी बदतर हालत में है। पुराने लिसाड़ी गेट क्षेत्र में जल भराव और गंदगी का आलम ये है कि किसी गांव की भी ऐसी हालत न होगी।
लिसाड़ी गेट क्षेत्र के फतहउल्लापुर, खुशहाल नगर, जाकिर कालोनी, तारापुरी, लिसाड़ी आदि ऐसे मोहल्ले हैं, जहां के लोग सालों से नारकीय जीवन जी रहे हैं। नाले की वर्षों से सफाई नहीं हुई है। इसमें सिल्ट जमा होने से गलियों में पानी बह रहा है और सड़कें टूट चुकी हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर के बीच जल भराव और कीचड़ से लोगों का जीना दुश्वार हो चुका है। ऐसा नहीं कि नगर निगम इससे अनजान है। यहां के लोग शिकायतों के अलावा प्रदर्शन आदि करके थक चुके हैं, मगर नगर निगम की कुंभकरणी नींद नहीं टूटी।
इस मामले में नगर आयुक्त राजकुमार सचान से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. राजवीर सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र को लेकर निगम गंभीर है और पोर्कलेन मशीन से नाला सफाई शुरू कराई गई है।

इनसेट:
शर्म आती है शर्मा नगर की हालत देख
मेरठ। विक्टोरिया पार्क के सामने स्थित शर्मा नगर कालोनी में जल निकासी की व्यवस्था न होने से पानी गलियों में बह रहा है। इस कालोनी की हालत किसी मलिन बस्ती से कम नहीं है। यहां के राहुल आनंद का कहना है कि कई माह से सफाई कर्मचारी यहां नहीं आए है। कसेरूखेड़ा निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उनके यहां पर नाली और इंटरलॉक टाइल्स से सड़क निर्माण का टेंडर दो साल पूर्व हुआ था, लेकिन काम आज तक नहीं हुआ है। मेडिकल कालेज में काम करने वाले जतिन ने बताया कि गोला कुंआ पर एक पुलिया का निर्माण अटका हुआ है, जिस कारण रोज जाम लगता है। किनानगर निवासी मोनू का कहना है कि मेडिकल से आगे सड़क पर पानी भरा रहता है।
बिल नहीं हो रहा ठीक
माधवपुरम 292/1 निवासी अनुराग ने बताया कि एक साल पहले उनका मीटर बदला गया था। तब से उसकी रीडिंग गलत आ रही है। लगातार अधिकारियों के चक्कर काटे रहे हैं, लेकिन आज तक बिल ठीक नहीं हुआ। थापर नगर निवासी मो. अकरम का कहना है कि बच्चा पार्क स्थित फीडर की हालत खराब है। फाल्ट के कारण यहां आए दिन छह से सात घंटे लगातार विद्युत आपूर्ति ठप रहती है।

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