तलाक देना महंगा पड़ा

Meerut Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। परिवार न्यायालय में चल रहे तलाक के वाद में न्यायालय ने पति को आदेश दिया कि वह पत्नी को 25 लाख रुपये प्रतिकर और 15 हजार रुपये भरण पोषण के रूप में दे। साथ ही बेटी की शादी होने तक उसे भी 10 हजार रुपये प्रति महीने दिए जाने के आदेश दिए।
परिवार न्यायालय के न्यायाधीश की अदालत में देहरादून निवासी और एलआईसी में अधिकारी पद पर कार्यरत अनुज भारद्वाज ने प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी शादी टीपी नगर की रहने वाली अनीता पुत्री शशीकांत के साथ 28 नवंबर 1991 को हुई थी। उसकी पत्नी का व्यवहार ठीक नहीं है, इसलिए उसे तलाक दिलवाया जाए। न्यायालय के समक्ष पत्नी की ओर से कहा गया कि उसके एक पुत्र और एक पुत्री हैं और उसका पति दहेज की मांग करता है। साथ ही वह उससे तलाक ले दूसरी शादी करना चाहता है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति को आदेश दिया कि वह पत्नी को प्रतिकर के रूप में 25 लाख रुपये और भरण-पोषण के लिए प्रति माह 15 हजार रुपये अदा करे। साथ ही यह भी आदेश किया कि वादी अनुज अपनी पुत्री को उसके विवाह होने तक प्रति माह 10 हजार रुपये अदा करे।

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