मेरठ से आगरा पारेषण ट्रांसमीशन तक डाली जा रही है विद्युत लाइन

Meerut Updated Wed, 12 Dec 2012 05:30 AM IST
सादाबाद। पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा करीब 765 केवी की एकल परिपथ मेरठ जनपद से आगरा पारेषण ट्रांसमीशन लाइन डालने के लिए खेतों में खोदे गए गड्ढों का मुआवजा न मिलने पर कई गांवों के किसानों ने मंगलवार को तहसील परिसर पर हंगामा किया। किसानों ने साफ कर दिया कि जब तक उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिल जाता और आलू की फसल खुद नहीं जाती, तब तक वह खेतों में कोई भी काम नहीं होने देंगे। इस मामले की रिपोर्ट एसडीएम ने डीएम को भी भेजी है।
पावर ग्रिड कारपोरेशन द्वारा मेरठ से लेकर आगरा तक ट्रांसमीशन लाइन डाले जाने का काम काफी समय से किया जा रहा है। इससे कुरसंडा, भदूरी, नगला काठ, नगला ध्यान, गुरसौटी, जारऊ आदि गांव प्रभावित हैं। पूर्व में कारपोरेशन ने खंभों को गाड़ने के लिए मुआवजा देने के एवज में किसानाें के खेतों में गड्ढे कर लिए, इससे किसानों की काफी फसल भी खराब हो गई, लेकिन मात्र कुछेक किसानों को छोड़कर किसी भी किसान को गड्ढा खोदने का मुआवजा नहीं दिया गया। इससे नाराज किसानों ने तहसील परिसर में मंगलवार को आहूत बैठक में मेरठ से आए बिजली अधिकारियों, एसडीएम, सीओ और नायब तहसीलदार के सामने जमकर हंगामा काटा। किसानों ने ऐलान कर दिया कि जब तक पूर्व में खंभों को गाड़ने के लिए उनकी जमीन में खोदे गए गड्ढों के मुआवजे का भुगतान उन्हें नहीं मिल जाता, तब तक वह लाइन डाले जाने का कोई भी काम नहीं होने देंगे। यही नहीं अब लाइन डाले जाने का कार्य भी तब ही आरंभ होगा जब खेतों से आलू की फसल खुदकर बाहर निकल आएगी। बैठक में बिजली अधिकारियों ने बताया कि तमाम किसानों को गड्ढे खोदे जाने का मुआवजा मिल चुका है, जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला उन्हें भी शीघ्र मिल जाएगा। इस दौरान सीओ मुकेश सक्सेना, नायब तहसीलदार प्रदीप कुमार रमन भी मौजूद थे। इधर, एसडीएम उमेश कुमार मंगला का कहना है कि मुआवजा न मिलने से किसानों में रोष है। उन्हाेंने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
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किसानों का ये था कहना-

खेत में खंभे खड़े करने के लिए गड्ढे खोदे गए थे। खंभे तो खड़े हो गए लेकिन गड्ढों को अभी तक नहीं भरा गया है और नहीं मुआवजा दिया है।
राजवीर सिंह, कुरसंडा
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बिजली का खंभा गाड़ने से मेरी करीब 5 बीघा फसल नष्ट हो गई। बिजली विभाग ने आज तक तबाह हुई फसल का मुआवजा नहीं दिया है।
प्रेमशंकर, कुरसंडा
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पोल खड़े करते समय हमारी करीब 7 बीघा फसल खराब हो गई, लेकिन 6 माह बीत जाने के बाद भी उसे आज तक मुआवजा नहीं मिला।
सत्यवीर सिंह, किसान
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खेत में पोल खड़े करते समय हमारी बाजरा की फसल नष्ट हो गई थी। नष्ट हुई फसल का विद्युत विभाग ने आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया है।
विजेंद्र सिंह, गढ़ी आशा
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बिजली विभाग की मनमानी से हमारी बाजरा की पूरी फसल नष्ट हो गई। विभाग ने अभी तक उन्हें नष्ट हुई फसल का मुआवजा नहीं दिया है।
गोपाल, गढ़ी आशा

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