रेट से रालोद और भाकियू में उबाल

Meerut Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। तय गन्ना रेट को लेकर रालोद, भाकियू और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन में उबाल है। तीनों ने रेट को नाकाफी बताते हुए किसानों के साथ धोखा किया है। गन्ना रेट के बराबर उत्पादन लागत आ रही है। सरकार को सबक सिखाया जाएगा।

रालोद 10 दिसंबर को तय करेगा आंदोलन की रणनीति
गन्ना रेट को लेकर रालोद ने 10 दिसंबर को मेरठ में प्रदेश समिति की बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी के सभी नेता, सांसद, विधायक ओर पूर्व विधायक होंगे। प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि रेट बेहद कम है। किसानों के साथ धोखा है। सपा ने घोषणपत्र के अनुरूप रेट नहीं दिया है। बैठक में रालोद आंदोलन की रणनीति बनाएगी।

13 दिसंबर को मुख्यमंत्री से वार्ता में उठाएंगे मुद्दा
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो रेट दिया है उसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद। हालांकि गन्ना उत्पादन लागत के हिसाब से रेट काफी कम है। 13 दिसंबर को उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक है। वे इसे बढ़ाने की मांग मुख्यमंत्री से करेंगे।

किसानों के साथ छल, मिलों को दिया लाभ
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि 280 रेट घोषित करने से पहले मुख्यमंत्री अपना घोषणापत्र पढ़ लेते तो उनकी आंखें खुल जाती। उन्होंने गन्ना उत्पादन लागत से 50 फीसदी ज्यादा रेट देने की घोषणा की थी। 280 रुपये में 3 रुपये गन्ना उठान भाड़े का बढ़ा दिया है। इससे किसानों को 277 रुपये मिलेंगे। सरकार ने किसानों के साथ खिलवाड़ किया है। रेट तय होने की देरी में 25 फीसदी गन्ना कोल्हुओं को बेंचा जा चुका है। अब रेट का क्या फायदा है।

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