शहर की सूरत पर लगा ग्रहण, नहीं मिला गंगाजल

Meerut Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। शहर को न गंगाजल मिला और न ही कूड़ा उठ पाया। हां, सड़कों की खुदाई कर शहर की सूरत जरूर बिगाड़ दी गई है। लगता नहीं कि अभी हाल में सड़कों की मरम्मत हो पाएगी। जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत चल रहे विकास कार्य की प्रगति बहुत धीमी है। ऐसे में इस बार भी मार्च 2013 तक काम पूरा होने में संदेह है।
कार्य की समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। फिर भी कार्यदायी संस्थाएं चैन की नींद सो रही है। जल निगम के अधिकारी कभी बरसात का बहाना बना रहे हैं तो कभी संकरी गलियों का। पिछले दो साल से भूमिया पुल की तरफ जाने के लिए सौ बार सोचना पड़ रहा है। रोजाना गड्ढों में गिरकर कोई न कोई घायल हो रहा है। अभी यह हाल है तो घने कोहरे में क्या होगा?
गंगाजल भोला की झाल से पाइप लाइन बिछाकर लाई जानी थी। मगर अभी भी करीब दो सौ किलोमीटर पाइप लाइन बिछाया जाना बाकी है। सीवरलाइन का काम तो आधा भी नहीं हुआ है। कूड़ा निस्तारण प्रोजेक्ट तो ए टू जेड कंपनी बीच में ही छोड़कर भाग गई। नगर निगम अब दूसरी कंपनी की तलाश कर रहा है।
बढ़ती आबादी के बीच लोगों को बेहतर सीवरेज, जलापूर्ति और कूड़ा प्रबंधन की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए में जेएनएनयूआरएम योजना बनाई गई थी। सीवरेज और जलापूर्ति के लिए किए जा रहे कार्य को मार्च 2013 तक पूर्ण करने के लिए कुछ माह पूर्व समय सीमा बढ़ाई गई थी। जबकि पूर्व में समय अवधि मार्च 2012 तय की गई थी।


जेएनएनयूआरएम में जल कार्य:
डिस्ट्रीब्यूशन लाईन : 725 किलोमीटर में बिछानी है
मुख्य लाईन : 21.04 किलोमीटर
कुल लागत : 341.30 करोड़
रिलीज पैसा : 224.239 करोड़ लगभग
बिछी पाईप लाईन : लगभग 510 किलोमीटर

सीवर कार्य पर एक नजर:
वर्तमान में कुल लागत : 231.02 करोड़
पूर्व में कुल लागत : 205.43 करोड़
रिलीज पैसा : 83.5 करोड़ लगभग
कुल किलोमीटर : 243.8
वर्तमान में हुआ कार्य : 105 किलोमीटर

ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर एक नजर
शहर को मिली कुल बस- 120
संचालन करने वाली एजेंसी: परिवहन निगम
नगर निगम को देने हैं: 3 करोड़ 40 लाख (एक करोड़ रुपये जारी)
एमडीए को देने हैं: 3 करोड़ 40 लाख (एक करोड़ रुपये जारी)

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
मेरठ। नगर निगम के साथ गहराये एटूजेड के विवाद के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना खटाई में पहुंच गई है। करीब डेढ़ माह से निजी कंपनी के कर्मचारियों ने कार्य बंद कर रखा है। जबकि पूर्व में प्लांट निर्माण का कार्य किया जा रहा था।

क्या कहते हैं अधिकारी:
: प्रोजेक्ट पर कार्य जारी है। योजना पूरी होने पर आम लोगों की अनेक मुश्किलें दूर हो जाएंगी। सितंबर 2013 अंतिम डेडलाइन तय की गई है- एनके गोस्वामी परियोजना प्रबंधक जेएनएनयूआरएम सीवरेज कार्य

: कार्य के लिए सड़क खुदाई करने वाली संस्था को ही समान गुणवत्ता और मानक की सड़कों का निर्माण करना है। जल निगम द्वारा बनाई गई सड़कों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।- कुलभूषण वार्ष्णेय मुख्य अभियंता नगर निगम

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