किताब में कैद हो रहा जेस्सोर का इतिहास

Meerut Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। जेस्सोर (बांग्लादेश) में मेरठ की पाइन डिवीजन द्वारा पाकिस्तानियों को धूल चटाने का इतिहास नई पीढ़ी किताब के जरिये जानेगी। लड़ाई में मुख्य भूमिका में रहे महावीर चक्र सम्मानित मेरठ डिफेंस कालोनी निवासी ब्रिगेडियर (रिटायर) राजकुमार सिंह जेस्सोर युद्ध क ो ‘इंडो-पाक वार 1971 बैटल ऑफ गरीबपुर’ नामक पुस्तक में सहेज रहे हैं। 2013 में पुस्तक प्रकाशित होगी।
41 बरस पहले 20 नवंबर 1971 को गरीबपुर (बांग्लादेश) में शुरू हुई जंग के संस्मरणों पर आरके सिंह पुस्तक लिख रहे हैं। अंग्रेजी में लिखी जा रही 500 पन्नों की इस पुस्तक में 14 अध्याय हैं। इसके साथ ही भारत-पाक सेना, टैंकर, सम्मान प्राप्त करते के समय की तस्वीरें भी किताब में होंगी। पुस्तक में पाक सेना ब्रिगेडियर मोहम्मद हयात का हस्ताक्षर वाला पत्र भी है, जो जेस्सोर जीत का सबसे बड़ा गवाह है।

गरीबपुर से शुरू हुई थी लड़ाई
20 नवंबर 1971 मेें भारत-पाक युद्ध में मेरठ पाइन डिवीजन ने बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) में मोर्चा संभाला था। जंग गरीबपुर से शुरू हुई फिर जेस्सोर पहुंची। सभी मोर्चों पर हिंदुस्तानी सेना ने छह दिसंबर 1971 को दुश्मन को मात दी। तभी से हर साल पाइन डिविजन छह दिसंबर को जेस्सोर डे मनाती है। जंग में पाकिस्तानी सेना की 107 इंफे ट्री बिग्रेड के 82 अफसर, 130 जेसीओ, 3476 सिपाही थे। इनका नेतृत्व ब्रिगेडियर हयात खान कर रहे थे। भारतीय सैनिकों की पाइन डिवीजन की कमान मेजर जनरल दलबीर सिंह के हाथ में थी। ब्रिगेडियर आरके सिंह बतौर सेना कमांडर दो हजार सैनिकों का नेतृत्व कर रहे थे। युद्ध में दोनों सेनाओं के काफी जवान मारे गए। तत्कालीन रक्षा मंत्री जगजीवन राम पत्नी सहित जवानों का हाल लेने पहुंचे थे। छह दिसंबर को जेस्सोर विजय हुई और पाक सेना के ब्रिगेडियर मोहम्मद हयात खान ने ब्रिगेडियर दलबीर सिंह के समक्ष सरेंडर कर हार मान ली। जीत पर भारतीय सैनिकों और 16 अफसरों को दो महावीर चक्र, दो वीर चक्र, दो सेना मेडल सहित अन्य पदकों से सम्मानित किया गया।

लेखक का परिचय
ब्रिगेडियर (रिटायर) राजकुमार सिंह (80) का जन्म सरधना के भटौला गांव में हुआ था। 12वीं की पढ़ाई के बाद वे फौज में भर्ती हो गए। 1971 के भारत-पाक युद्ध में ब्रिगेडियर आरके सिंह ने कमांडर की भूमिका निभाई थी और जेस्सोर में पाक सेना के छक्के छुड़ाए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी ने 1972 में आरके सिंह को सेना के प्रमुख सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया था।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल दो दिन के लिए बंद, छात्रा हुई जुवेनाइल कोर्ट में पेश

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद बच्चों में बसे खौफ को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

ईंठ भट्ठे की दीवार की लिपाई के दौरान दो लड़कियों के साथ हुआ भयानक हादसा

बागपत में ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से दो लड़कियों की मौत हो गई। मरनेवाली दो लड़कियों में से एक की उम्र 15 साल थी। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper