कैंट प्रशासन के खिलाफ सदस्यों ने मोर्चा खोला

Meerut Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। छावनी क्षेत्र में ठप पड़े विकास कार्य और बीती बोर्ड बैठक में बढ़ाए गए जल एवं गृहकर को लेकर छावनी सदस्यों ने कैंट प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को हुई बैठक में सदस्यों ने दस दिसंबर को सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
30 नवंबर को छावनी बोर्ड की बैठक में बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल वीके यादव ने सदस्यों की अनुपस्थिति में कैंट में सवा प्रतिशत जलकर और तीन प्रतिशत गृहकर बढ़ा दिया था। बोर्ड में पास प्रस्तावों को लेकर छावनी बोर्ड उपाध्यक्ष शिप्रा रस्तोगी समेत सभी आठ सदस्यों ने सोमवार को छावनी स्थित आशियाना में बैठक की। इसमें विकास कार्य समेत बढ़े जल-गृह कर पर चर्चा की गई। बैठक में सदस्यों ने कहा कि कैंटवासियों पर बढ़ाया गया कर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी आठ वार्डों में ठप पड़े विकास कार्यों को लेकर भी सदस्यों ने आक्रोश जताया। शिप्रा रस्तोगी ने बैठक में कहा कि जब तक सभी आठ वार्डों में विकास कार्य नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि दस दिसंबर को सभी सदस्य कैंट बोर्ड पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक में सदस्यों ने कैंट प्रशासन से सड़क निर्माण, सफाई, पेयजल और गंदगी आदि समस्याओं को दूर कराने की मांग की। इस दौरान दिनेश गोयल, शशि साहू, बीना वाधवा, जगमोहन शाकाल, ममता गुप्ता, अजमल कमाल, प्रेम ढीगरा मौजूद रहे।
जीओसी ने लगाया मरहम, आरोप किए खारिज
मेरठ। छावनी बोर्ड अध्यक्ष जीओसी मेजर जनरल ने सदस्यों को गोपनीय पत्र लिखकर जख्मों पर महरम लगाने की कोशिश तो की, लेकिन सदस्यों के सभी आरोप खारिज भी कर दिए। जीओसी ने कैंट अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षण देने के सदस्यों के आरोपों को निराधार बताते हुए उल्टा सदस्यों को कैंट कर्मचारी के खिलाफ झूठी शिकायत करने का जिम्मेदार ठहराया।
जीओसी मेजर जनरल ने सदस्यों को लिखे गोपनीय पत्र में पूरी घटना का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि निर्वाचित सदस्यों द्वारा सार्वजनिक कार्यालय में अभद्र व्यवहार से वे आहत हुए। महिला सदस्य होने का लिहाज करते हुए उन्होंने सिर्फ सलाह पत्र जारी किया, जो कि उनका कर्तव्य भी है। जीओसी वीके यादव ने लिखा कि एक तरफ तो आप मुझे पिता कहते हैं और दूसरी तरफ मेरी शिकायत रक्षा मंत्री से लेकर महिला आयोग तक करते हैं। ऐसे माहौल में एक अध्यक्ष के पास सलाह देने के सिवा क्या विकल्प बचता है।
आपने ही की थी झूठी शिकायत
अध्यक्ष ने कैंट अधिकारियों-कर्मचारियों को संरक्षण देने के सदस्यों के आरोपों को भी निराधार बताते हुए लिखा कि उन्होंने कई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। सदस्यों ने ही एक कैंट कर्मचारी के खिलाफ झूठी शिकायत की थी और बाद में उस शिकायत को वापस ले लिया था। अध्यक्ष ने लिखा कि शिकायत वापस लेने के सही कारण थे, ये आप सदस्य ही जानते होंगे।

सदस्यों ने नहीं लिया निर्णय
बोर्ड अध्यक्ष के पत्र पर सदस्यों ने सामूहिक बैठक कर निर्णय लेने की बात कही। एक सदस्य का कहना है कि पत्र जारी करने से पहले जीओसी को सदस्यों से वार्ता कर उन्हें समझाना चाहिए था। मुद्दे पर अभी विरोध जारी रहेगा।

Spotlight

Most Read

National

तीन करोड़ वाले टेबल के चक्कर में फंसा AIIMS, प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत

आरोप है कि निविदा में दी गई शर्तों को केवल यूके की कंपनी ही पूरा कर सकती है। इस कंपनी ने टेबल की कीमत तीन करोड़ रुपये तय की है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

बागपत: पत्नी की हत्या के आरोप में बीएसएफ जवान गिरफ्तार

बागपत में पत्नी की हत्या के आरोप में बीएसएफ के जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी जवान की पत्नी गीता की लाश बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper