मिनटों के सफर में लग रहे घंटे

Meerut Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। शहर की प्रमुख सड़काें का बुरा हाल है। वैकल्पिक मार्गों की हालत उनसे भी ज्यादा खराब है। कहीं सड़कें टूटी हैं, तो कहीं जाम है। हालत ये है कि मिनटों के सफर में घंटे लग रहे हैं।
मैट्रो प्लाजा से अगर किसी को बाईपास रोड पर जाना हो तो दोगुना रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसका कारण बागपत रोड का क्षतिग्रस्त होना और उस पर जाम लगना है। ऐसे में अगर ट्रांसपोर्ट नगर से यात्री जाते हैं तो वे ट्रकों के जाम में फंस जाते हैं। वैसे अगर ट्रांसपोर्ट नगर से निकलकर बागपत रोड पर आ भी जाएं तो आगे का रास्ता भी पूरी तरह टूटा हुआ और जाम से भरा है। इससे बचने के लिए दिल्ली रोड पर दो संपर्क मार्ग भी है। इनमें रिठानी पीर के पास से बाईपास स्थित इंडियन ऑयल डिपों के पास और कुंडा मार्ग से होते हुए बिग बाइट के बराबर में बाइपास पहुंचा जा सकता है। इन तीनों मार्ग से बाईपास पहुंचने में पांच से 10 मिनट का समय लगता है। लेकिन कुंडा और रिठानी पीर मार्ग की हालत अत्यंत खस्ता है। बरसात में तो यह मार्ग पूरी तरह कीचड़ युक्त गड्ढों से भरा होता है, इस समय भी वाहनों का इन दोनों मार्ग से गुजरना दूभर रहता है। जिसके चलते लोग दिल्ली रोड पर परतापुर फ्लाईओवर क्रास कर बाईपास पहुंचते है।
बागपत रोड से बाईपास की दूरी जहां मात्र तीन-चार किमी है। वहीं रिठानी और कुंडा मार्ग से भी करीब इतनी ही दूरी तय करनी पड़ती है। लेकिन परतापुर होते हुए बाईपास पहुंचने में लोगों को 10 से 12 किमी ज्यादा सफर तय करना पड़ता है। जिस कारण पांच मिनट का सफर तय करने में लोगों को घंटो लग जाते है।
यही हाल हापुड़ रोड जाने वालों का भी है। मैट्रो प्लाजा से भूमिया पुल का रास्ता सालों से जर्जर है। ऐसे में हापुड़ रोड पर जाने वाले लोग बिजली बंबा बाईपास या शहर के बीच से होकर जाते हैं। बिजली बंबा बाईपास मार्ग से करीब 15 किमी ज्यादा सफर तय करना होगा। शहर के बीच से जाने पर घंटाघर से आगे जाम के बीच अब छतरी वाला पीर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में जाम से जूझते हुए बेगमपुल के आस-पास से हापुड़ रोड पर पहुंचा जाएगा, जिसमें जाम से जूझने के साथ ही करीब 3 से 5 किमी ज्यादा सफर तय करना होगा। उनका सफर भी बढ़ जाता है।

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