मनरेगा से बढ़े स्कूलों में पंजीकरण!

Meerut Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
मेरठ। चौ. चरण सिंह यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध की मानें तो मनरेगा की वजह से स्कूलों में पंजीकरण बढ़े हैं। मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के कारण ऐसा हुआ है। पश्चिम से ज्यादा पूर्व में इसका असर देखा गया है। तीन साल में मेरठ में महिलाओं की भागीदारी छह गुना तक बढ़ी है।
शोध सीसीएसयू में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अतवीर सिंह ने ‘मनरेगा का आर्थिक सामाजिक परिसंपत्ति सृजन एवं रोजगार पर प्रभाव’ विषय पर किया। देश को चार जोन में बांटा। सर्वे में बनारस के दो ब्लॉक के अलावा मेरठ के सरधना और हस्तिनापुर ब्लॉक के 10 गांव शामिल थे।
यूपी में सर्वे में 926 मनरेगा लाभार्थी और प्रधानों को शामिल किया गया। मेरठ के 10 गांवों से 426 लाभार्थी शामिल थे। 60.3 प्रतिशत ने माना कि मनरेगा से स्कूलों में पंजीकरण बढ़ा है, जबकि 39.7 ने इससे मना किया। 53 प्रतिशत का कहना था कि मनरेगा की वजह से घर की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। 20 प्रधानों की राय ली गई कि इससे गांव में विकास की स्थिति बेहतर हुई तो 17 ने सहमति जताई। तीन ने इनकार किया। डॉ. अतवीर का कहना है कि सरधना ब्लॉक में 2008-09 में मनरेगा के काम में आठ प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी थी। 2010-11 में 50 प्रतिशत हो गई। हस्तिनापुर में 2008-09 में 72 फीसदी थी, 2009-10 में यह घटकर 54 फीसदी हुई और फिर 2010-11 में बढ़कर 72.79 प्रतिशत हो गई।

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