निगम को वापस होंगी साढ़े तीन करोड़ की गाड़ियां

Meerut Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
मेरठ। नगर निगम और एटूजेड में जारी भुुगतान विवाद में कंपनी ने जेएनएनयूआरएम के तहत मिली साढ़े तीन करोड़ की गाड़ियां नगर निगम को वापस करने का निर्णय लिया है। मेरठ में इसके लिए दो अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
जेएनएनयूआरएम के तहत मेरठ समेत चुनिंदा शहरों में सीवरेज, जलापूर्ति और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट की मौजूदा स्थिति सुधारी जानी है। जनपद में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का जिम्मा एटूजेड को दिया था। टीपिंग शुल्क को लेकर कुछ माह पूर्व नगर निगम और एटूजेड के बीच विवाद शुरू हुआ। जेएनएनयूआरएम के लिए सरकार से प्राप्त ग्रांट से कुल 50 गाड़ियां खरीदी गईं थीं। इनमें 40 टाटा ऐस स्ट्रीपर, छह कॉमपेक्टर, चार डंफर टिपर शामिल हैं।
निगम से मिली जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट की कुल लागत 13 करोड़ 74 लाख 95 हजार थी। इसका 27 प्रतिशत हिस्सा अनुदान राशि के रूप में सरकार से हासिल हुआ था। विवाद का निस्तारण नहीं होने के चलते तय हुआ है कि ये गाड़ियां नगर निगम को हैंडओवर कर दी जाएंगी। बुधवार से शुरू होने वाली प्रक्रिया के लिए कंपनी ने दो अधिकारियों डॉ. अभय गर्ग और मनीष भारद्वाज की तैनाती कर दी है।

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