डीआईजी के गनर से चली गोली ड्राइवर को लगी

Meerut Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
मेरठ। पिस्टल साफ करने के दौरान गोली चल जाने से डीआईजी का ड्राइवर घायल हो गया। हादसा डीआईजी रेंज के ऑफिस स्थित गार्ड रूम में हुआ। पिस्टल की सफाई डीआईजी का गनर कर रहा था, जिसके खिलाफ जांच बिठा दी गई है।
डीआईजी रेंज जकी अहमद का गनर श्याम लाल शनिवार सुबह लगभग सात बजे गार्ड रूम में 0.9 एमएम बोर की पिस्टल साफ कर रहा था। डीआईजी की सरकारी गाड़ी का ड्राइवर विनोद भी उसके पास बैठा था। इसी दौरान अचानक पिस्टल से चली गोली विनोद के दोनों पैरों को घुटने के पास से छेदते हुए दीवार में जा लगी। सूचना पर पहुंचे डीआईजी ने घायल ड्राइवर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डीआईजी के अनुसार पिस्टल की सफाई के दौरान गनर ने लापरवाही बरती है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी का कहना है कि आरोपी गनर के खिलाफ जांच एसपी क्राइम को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। एसपी क्राइम ने ड्राइवर और गनर से पूछताछ की।
‘पहले छुपाया, फिर बताया’
डीआईजी आफिस में गोली चलने की सूचना पर जिले के पुलिस अफसर घटनास्थल पर पहुंच गए। ऑफिस में तैनात सिपाहियों ने प्रारंभिक पूछताछ में ड्राइवर को खुद ही गोली लगना बताया। उनका कहना था कि ड्राइवर को अपनी पिस्टल साफ करते समय गोली लगी। एक गोली दोनों पैरों में लगने की बात अफसरों को हजम नहीं हुई। अफसरों ने दोबारा पुलिस कर्मियों से पूछताछ की तो तब जाकर गनर का नाम सामने आया।
‘खिलौना नहीं है पिस्टल’
गोली चलने के बाद गार्ड रूम पहुंचे डीआईजी ने गनर से ड्राइवर को गोली लगने का कारण पूछा तो वह सॉरी कहने लगा। डीआईजी ने कहा कि ‘यह खिलौना नहीं जो ऐसी लापरवाही बरती जाए। तुम तो काफी दिनों से यहां तैनात हो, फिर ऐसा कैसे हो गया।’
‘चैंबर में रह जाती है गोली’
सेमी ऑटोमेटिक असलाह से अक्सर ऐसे हादसे होते हैं। रिवाल्वर में लॉक सिस्टम होने से गोली चलने की संभावना नहीं होती, लेकिन पिस्टल में ऐसा नहीं होता। हथियार के विशेषज्ञों की मानें तो पिस्टल के चेंबर में अक्सर गोली फंसी रह जाती है। मैगजीन लोड करते समय यदि थोड़ा सा भी वजन पड़ता है तो गोली चल जाती है। कायदे से पिस्टल की सफाई के दौरान सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि चैंबर पूरी तरह खाली है। इसके बाद ही मैगजीन लोड करनी चाहिए।

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