कालेजों में वोट के लिए बेलने पड़ेंगे पापड़

Meerut Updated Thu, 25 Oct 2012 12:00 PM IST
मेरठ। डिग्री कालेजों के छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों को पापड़ बेलने पड़ेंगे। छोटा चुनाव कार्यक्रम और छुट्टी की वजह से सिर्फ प्रचार के लिए सिर्फ तीन दिन मिलेंगे। आरजी डिग्री कालेज में तो प्रत्याशियों के पास प्रचार को दो ही दिन होंगे। ऐसे में छात्र संगठनों ने घर-घर जाकर वोट मांगने की रणनीति बनाई है। वोट डलवाने को भी मशक्कत करनी होगी। 30 अक्तूबर को नामांकन है और अभी किसी भी छात्र संगठन ने अपने पैनल की घोषणा नहीं की है।
सीसीएसयू कैंपस में छात्रसंघ चुनाव होने के बाद अचानक डिग्री कालेजों ने चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। मेरठ कालेज, डीएन, आरजी पीजी और इस्माईल पीजी कालेज ने पांच नवंबर को चुनाव होने हैं। कालेजों का चुनाव कार्यक्रम पांच से छह दिनों का है। दो दिन नामांकन और वापसी में लग जाएंगे। प्रचार के लिए तीन और दो दिन बचते हैं। डिग्री कालेजों में छात्र कितने रेग्युलर आते हैं, इससे सब वाकिफ हैं। प्रत्याशियों के सामने वोटरों के घर पहुंचने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। डीएन और इस्माईल डिग्री कालेज में हॉस्टल नहीं हैं। सभी छात्र बाहर से आते हैं। छुट्टियों का असर मतदान पर हो सकता है। इन बातों को देखते हुए छात्र संगठन वोट मांगने के लिए घर-घर जाने की योजना बना रहे हैं। कालेजों से छात्रों के नाम पते की लिस्ट तैयार कर ली गई है। एबीवीपी के प्रदेश प्रमुख अंकुर राणा का कहना है प्रचार के लिए समय कम है, इसलिए घर जाकर वोट मांगी जाएगी। टीम ने काम शुरू कर दिया है। एनएसयूआई के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अवनीश काजला का कहना है कि ज्यादातर हॉस्टल बंद हो चुके हैं। छुट्टी की वजह से छात्र नहीं आ रहे। घर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। नामांकन से दो-तीन दिन पहले पैनल घोषित कर देंगे, ताकि प्रचार को वक्त मिल सके।
अवकाश के चलते छात्राओं को नहीं मिलेगा प्रचार का मौका
मेरठ। त्योहार और अवकाश महिला कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव का गणित बिगाड़ेंगे। कॉलेजों ने माह के अंत में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है, इस दौरान कॉलेजों में अवकाश प्रारंभ हो चुके हैं। अवकाश के कारण छात्राएं प्रचार नहीं कर पाएंगी। इसका असर चुनावी रणनीति पर पड़ सक ता है।
शहर के चार में से दो महिला कॉलेजों ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। आरजी पीजी कॉलेज में 30 अक्तूबर को नामांकन, 6 नवंबर को मतदान है। वहीं इस्माइल डिग्री में 31अक्तूबर को नामांकन और 5नवंबर को मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद कॉलेजों में रविवार, अष्टमी, नवमी, दशहरा, ईद फिर रविवार सहित पूरा सप्ताह अवकाश में जा रहा है। मतलब साफ है कि 30 अक्तूबर तक कॉलेज बंद रहेंगे। कॉलेज बंद होने से उम्मीदवार जनसंपर्क और प्रचार नहीं कर पाएंगे। 30 अक्तूबर के बाद भी प्रत्याशियों को प्रचार का पूरा समय नहीं मिलेगा। हॉस्टलर्स अवकाश का फायदा उठाकर जहां अपने घर चली गई है। वहीं डे स्कॉलरों से भी संपर्क करना मुश्किलों भरा है। अचानक तिथि घोषित होने के कारण छात्राओं का रणनीति भी अभी तक तय नहीं है। ऐसे में यह अवकाश महिला विद्यालयों की प्रत्याशियों का गणित गड़बड़ा रहा है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में नौकरियों का रास्ता खुला, अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग का हुआ गठन

सीएम योगी की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यसचिव राजीव कुमार ने अधीनस्‍थ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर दिया।

22 जनवरी 2018

Related Videos

‘आओ साइकिल चलाएं’ कार्यक्रम का आयोजन, होगा ये फायदा

बागपत में एक पेट्रोल पंप पर 'आओ साइकिल चलाएं' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह भी शामिल हुए।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper