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दुश्मन से मिल गए बद्दो, किरठल, पपीत, परमवीर!

Meerut Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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मेरठ/गाजियाबाद। वेस्ट यूपी के टॉप-5 अपराधियों में शुमार ऊधम सिंह की जान खतरे में देख उसकी पत्नी गीतांजलि मैदान में आई है। वही गीतांजलि जो गाजियाबाद कचहरी में हुई गैंगवार के दौरान साये की तरह पति के साथ थी और गोलियों की बौछार के बीच सुरक्षित बच निकली। उसने राज खोले हैं कि ऊधम को टपकाने के लिए भदौड़ा कंपनी के साथ धर्मेंद्र किरठल, पपीत बढ़ला, बदन सिंह बद्दो, परमवीर तुगाना सहित कई दुश्मन गिरोहों ने हाथ मिला लिया है। गैंग्स का यह गठबंधन अस्पताल से लेकर जेल तक ऊधम पर कभी भी हमला कर सकता है।
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दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पति की देखरेख कर रही गीतांजलि ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि बृहस्पतिवार को कोर्ट कैंपस में जब ऊधम पर हमला हुआ, तब वह वहीं मौजूद थी। मुकदमे की पैरवी को यहां आई हुई थी। अचानक योगेश भदौड़ा के साथ चार अन्य हमलावरों ने बिल्कुल करीब आकर उसकी आंखों के सामने ऊधम पर फायरिंग शुरू कर दी। गीतांजलि बोली, पति की जान खतरे मेें है तो मैं चुप कैसे बैठ सकती हूं। पुलिस ने भदौड़ा और उसके साथियों को तुरंत ही गिरफ्तार नहीं किया तो वे कुछ भी कर सकते हैं। पुलिस ऊधम की हिफाजत करे। साथ में मेरे और परिवार को भी सुरक्षा दे। वकीलों के वेश में कोर्ट परिसर में हमलावरों का पहुंचना दर्शाता है कि वे किस हद तक प्लानिंग कर चुके थे। मैं पुलिस से अपने लिए लाइसेंस मांगूंगी, ताकि बुरे वक्त में अपने हाथों सुरक्षा कर सकूं। जाट की बेटी हूं। सुहाग की रक्षा को मौत से लड़ूंगी।

मैदान में मां : कोई मां नहीं चाहती कि उसका बेटा अपराधी बने। हालात ऐसे थे कि इकलौता ऊधम गुनाह के रास्ते पर चल पड़ा। पुलिस ने ज्यादातर उस पर फर्जी केस लादे हैं। मैं बेटे को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हूं। आखिर मां हूं, उसे छोड़ कैसे सकती हूं।’ - सुमित्रा, ऊधम की मां
हम वारदात में शामिल नहीं
मेरठ। ऊधम पर हुए हमले में हमारा कोई हाथ नहीं। यह दावा करनावल के पूर्व चेयरमैन सतीश कुमार और वर्तमान चेयरमैन उनकी पत्नी सरला देवी ने शनिवार को किया है। शनिवार को कस्बा करनावल में आयोजित खिलाड़ी सम्मान समारोह में दोनों ने कहा कि उनका नाम साजिश के तहत लिखाया गया है।
ऊधम की गर्दन में फंस गई थी बुलेट
मेरठ। कचहरी में ऊधम को लगी गोली कनपटी में लगकर उसके गर्दन में पीछे की तरफ फंस गई थी। ऑपरेशन के बाद उसकी गोली निकाल ली गई है। एसओ कविनगर ने बताया कि अभी ऊधम के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं, क्योंकि डॉक्टरों ने उसे ज्यादा बोलने को मना किया हुआ है।

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