सांसद, विधायक और सदस्य भी चाहें सीबीआई जांच

Meerut Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
मेरठ। सांसद और कैंट विधायक समेत कुछ सदस्यों ने भी कैंट बोर्ड के अफसरों, कर्मचारियों और सदस्यों की सीबीआई जांच की पैरवी की है।
आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत ने रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर मेरठ छावनी बोर्ड की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इस खबर को अमर उजाला ने बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी कहा है कि गरीब जनता को मकान बनवाने से लेकर उसे टूटने से बचाये रखने के बदले मोटी रकम अदा करनी पड़ती है। मैं रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर सीबीआई जांच का समर्थन करूंगा। वहीं कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि सीबीआई जांच जरूर होनी चाहिए। सदस्य जगमोहन शाकाल, दिनेश गोयल, अजमल कमाल, बीना वाधवा, प्रेम ढीगरा ने भी एक सुर में सीबीआई जांच का समर्थन किया।
...और नहीं उठा उपाध्यक्ष का फोन
इस मामले में उपाध्यक्ष शिप्रा रस्तोगी से संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन सवाल पूछने पर उन्होंने फोन काट दिया। जिसके बाद उनका फोन देर रात तक नहीं मिल सका।
तबादला नीति को लेकर बनाएंगे दबाव
सांसद ने कहा कि 62 छावनियों में तबादले संभव हो सकें, इसके लिए वे शीघ्र ही रक्षा मंत्रालय पर दबाव बनाएंगे। सभी छावनियों से सुझाव के बाद रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। अधिसूचना के बाद तबादले संभव हो सकेंगे। ज्ञात हो कि छावनियों में तबादले नहीं होते हैं। इसी कारण अफसर और कर्मचारी खुलकर खेलते हैं।

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