पश्चिमी यूपी में बच्चों को लगेंगे पेंटावायलेंट टीके

Meerut Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
मेरठ। नवजात को पोलियो, कुकुरखांसी, टिटनेस समेत कई बीमारियों से बचाने में कारगर माने जाने वाली पेंटावायलेंट टीके को केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों में टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने जा रही है। पश्चिमी यूपी में पोलियो के सर्वाधिक मामले आने के कारण इसे प्राथमिकता की सूची में ऊपर रखा गया है।
पिछले एक साल के दौरान पोलियो के एक भी मामले सामने न आने के बाद इस साल फरवरी में भारत को पोलियो वायरस मुक्त देश घोषित किया गया था। पोलियो के मामले दोबारा न आए इसलिए केंद्र सरकार विशेष कार्यक्रम भी चला रही है। ताकि विश्व स्वास्थ्य संगठन भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित कर सके। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2011 के नवंबर में तमिलनाडु और केरल में पेंटावायलेंट को टीकाकरण में शामिल किया था। इसका व्यापक असर देखा गया। दोनों राज्यों में इसके तहत लगभग 25 लाख बच्चों को खुराक दी गई। बेहतर परिणाम के आधार पर भारतीय औषधि नियंत्रक महानिदेशालय (डीसीजीआई) ने अन्य राज्यों में शुरू करने के लिए हरी झंडी दी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस टीके को लेकर केंद्र सरकार से अपील की। इसके बाद यूपी को भी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत आदि जिलों में टीकाकरण के आंकड़े औसत से काफी कम हैं। साथ ही ये जिले पोलियो के मामले को लेकर पूरी दुनियां में चर्चित रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने इन जिलों को प्राथमिकता के आधार पर पेंटावायलेंट टीके के लिए चयन किया है। दुनियां के 116 देशों में यह पहले से ही टीकाकरण अभियान में शामिल है। इंफ्लुएंजा टाइप बी जैसी बीमारी को रोकने में भी यह टीका कारगर है।

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