मेरठ में पारित हुआ उप्र नदी नीति का प्रारूप

Meerut Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
मेरठ। गंगा-यमुना दोआब पर बसे मेरठ से रविवार को फिर एक क्रांति की शुरुआत हुई है। इस क्रांति का आगाज दूषित हो चुके नदियों को नया जीवन देने के लिए किया गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए नीर फाउंडेशन के बैनर तले हुए कार्यक्रम में जल पुरुष राजेंद्र सिंह सहित कई विद्वानों ने विचार मंथन कर उप्र नदी नीति का प्रारूप पारित किया है। इसे लागू करने के उद्देेश्य से प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह राणा को प्रारूप सौंपा गया है।
रविवार को गढ़ रोड स्थित राधा गोविंद पब्लिक स्कूल में नदी नीति का प्रारूप तैयार करने के लिए दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजेंद्र सिंह ने नदियों के प्रति सरकारों में खत्म होती संवेदनशीलता पर कहा कि केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार, किसी को नदी नीति की परवाह ही नहीं है। इन्हें न तो प्रकृति से प्रेम है और न ही जीवनदायिनी नदियों से। आज एक भी ऐसी नदी नहीं है, जिसके जल का आचमन किया जा सके।
प्रदेश में राज्य मंत्री (ग्रामीण अभियंत्रण ) राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि उप्र में नदी नीति प्रारूप पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने रखेंगे और नीति को लागू करवाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि सभ्यता का विकास करने में हमने नैतिक मूल्यों में गिरावट की परवाह नहीं की। यही वजह है कि सब जानते हुए हमने नदियों को दूषित होने दिया।
महामंडलेश्वर भैया दासजी महाराज ने कहा कि जीवन को बचाने के लिए जल को बचाना आवश्यक है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि जल के दूषित होने का असर जीवन पर भी पड़ता है। नदी नीति को लागू करने में वे और उनकी पार्टी हर स्तर पर सहयोग करेगी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि सरकारों ने गंगा पर ही हर नीति सिर्फ इसलिए बनाई ताकि लोगों की धार्मिक आस्था का इस्तेमाल कर सके। नदियों में इंडस्ट्री का जहर छोड़ा जा रहा और सबने आंखें बंद कर रखी है। कार्यक्रम का संचालन नीर फाउंडेशन के निदेशक रमन त्यागी ने किया। इस दौरान भूगर्भ जल विभाग के सुरेश सहानी, वीसी गोयल, नीति निर्माता भरत झुनझुनवाला, अनिल गौतम, पीके शर्मा, एमएस वाणी समेत अन्य मौजूद रहे।
नदी नीति के तीन आधार बिंदु
नदी की जमीन नदियों के लिए हो। इस जमीन का चिह्नांकन और सीमांकन होना चाहिए, ताकि वह सीमेंट और कंक्रीट के जंगल में तब्दील न हों।
गंदे नालों को नदियों से अलग रखा जाए
नदियों के प्रवाह को सुनिश्चित किया जाए

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

बवाना कांड पर सियासत शुरू, भाजपा मेयर बोलीं- सीएम केजरीवाल को मांगनी चाहिए माफी

दिल्ली के औद्योगिक इलाके बवाना में शनिवार देर शाम अवैध पटाखा गोदाम में आग लगने से 17 लोगों की मौत के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है।

21 जनवरी 2018

Related Videos

तो अब होगी हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती

बागपत के इंटरमीडिएट कॉलेज धनौरा सिल्वरनगर के वार्षिक समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

21 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper