अतिक्रमण हटाने पहुंची एमडीए टीम का विरोध, हंगामा

Meerut Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
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मोदीपुरम। बगैर किसी नोटिस और पूर्व सूचना दिए पल्लवपुरम क्षेत्र में हाईवे स्थित कॉमर्शियल प्लाटों से अवैध कब्जा हटाने आई एमडीए की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। विधायक के नेतृत्व में लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर हंगामा किया। आखिर में तय हुआ कि प्राधिकरण उपाध्यक्ष के साथ बैठक के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को एमडीए के नोडल अधिकारी (जोनल) शबी हैदर, सहायक अभियंता विनीत गोयल, अवर अभियंता, राजन सिंह और अन्य अधिकारी जेसीबी मशीन लेकर पल्लवपुरम फेज वन पहुंचे। यहां टीम को खसरा नंबर 353, 354 और 355 से अतिक्रमण हटवाना था। सबसे पहले जे और एपी ब्लाक में कामर्शियल प्लाटों पर बनी झुग्गी झोपड़ियों पर जेसीबी मशीन चलाई गई। वहां पर बने गैराज को भी ध्वस्त कर दिया गया। इसी बीच भाजपा विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समर्थकों के साथ पहुंचे और अतिक्रमण हटाने का विरोध किया। उनके यह पूछने पर कि किसके आदेश पर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है, नोडल अधिकारी ने कहा वीसी साहब से बात कर लो। इस पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई और जेसीबी मशीन बंद कराकर बाहर कर दिया। अधिकारियों को भी जाने को कहा। चौकी इंचार्ज पल्लवपुरम के हस्तक्षेप के बाद एमडीए अधिकारियों, विधायक व अन्य लोगों की वार्ता हुई। यह तय हुआ कि प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के साथ बैठक के बाद ही अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्रवाई होगी। इस दौरान भाजपा नेता संजीव सिक्का, सुनील कुमार, शीलेंद्र चौहान, राजेश जैन, ज्ञानेंद्र वर्मा, विक्की बाल्मीकि, संजय कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
दोनों पक्षों ने दावा ठोंका, बाजार बंदी का ऐलान
एमडीए का पल्लवपुरम योजना को लेकर मुकर्रबपुर पल्हैड़ा की 353, 354, 355, 328 सहित कई खसरा नंबरों को लेकर किसानों से विवाद चल रहा है। मामला अदालत में है। प्राधिकरण के नोडल अधिकारी (जोनल) शबी हैदर का दावा है कि भूस्वामियों को उक्त भूमि मुआवजा दिया जा चुका है। इस जमीन को अपनी बताने वाले किसान अदालत से मुकदमा हार चुके हैं। शुक्रवार को जिस जमीन से झोपड़ियां हटाई गई, उसका विवाद नरेश कुमार आदि से चल रहा है। कई जमीनों पर प्राधिकरण को कब्जा लेना है। वहीं किसानों का कहना है कि जमीन प्राधिकरण को नहीं दी जाएगी। जितेंद्र पंवार का कहना है कि जमीन हमारी है, उस पर हम ही काबिज रहेंगे। इस मामले को लेकर हुई बैठक में दुकानदारों ने निर्णय लिया कि शनिवार को बाजार बंद कर वे मंडलायुक्त से मिलेंगे। यदि मांग पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा। आशीष गुर्जर, जितेंद्र पंवार, राजेश, संजय बंसल, अमीर असलम, शाह आलम, निजामुद्दीन, इकरामुद्दीन, इस्लामुद्दीन, तौसीफ, हर्ष सेठी, रामकिशन, बीर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

आशियाने टूटते ही फफक पड़े
तिनका-तिनका जोड़कर बनाए झोपड़ी को आंखों के सामने ध्वस्त होता देख लोग फफक पड़े। ये लोग पिछले आठ सालों से यहां रह रहे हैं और कूड़ा बीनकर परिवार चलाते हैं। एमडीए की जेसीबी ने एक ही पल में इन्हें बेघर कर दिया। यहां रहने वाले मुजीबुर्रहमान, बासर अली, हाकिम, हफीज ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से झोपड़ी से जरूरत का सामान निकालने का समय मांगा, पर आधा घंटे के भीतर जेसीबी मशीन चलवा दी गई। पीड़ित मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं, इस बारे में इन्होंने नहीं बताया। झोपड़ियां ध्वस्त होती रहीं, पूरा परिवार सामान निकालने की जुगत में लगा रहा, इस दौरान बच्चे रोते रहे, लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। ध्वस्त झोपड़ी के बगल में ही एसबीआई की शाखा चल रही है। टीम ने शाखा मैनेजर से भी बिल्डिंग खाली करने को कहा, ताकि उसे ध्वस्त किया जा सके।

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