जूता फैक्टरी में भीषण आग, लाखों का माल राख

Meerut Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
खरखौदा। धीरखेड़ा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक जूता फैक्टरी में लगी भीषण आग से लाखों का माल जलकर राख हो गया। सुबह करीब आठ बजे लगी आग को मेरठ और हापुड़ से पहुंची दमकल की कई गाड़ियां शाम तक नहीं बुझा पाई थी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
हापुड़ के शिवपुरी निवासी संजय अग्रवाल और संदीप अग्रवाल की धीरखेड़ा में अग्रवाल इंटरप्राइजेज नाम से जूते बनाने की फैक्टरी है। संजय ने बताया कि फैक्टरी की दीवार के पास ही ट्रांसफार्मर होने के कारण मंगलवार सुबह करीब आठ बजे अचानक चिंगारी ट्रांसफार्मर से निकलकर पास के गोदाम में पहुंच गई। गोदाम में हजारों जोड़ी जूते तैयार रखे थे। जूतों ने तुरंत ही आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में आग फैक्टरी के चारों गोदामों में पहुंच गई। आग की सूचना पाकर एएसपी राहुल चौधरी, एसडीएम सदर संजय चौहान, सीओ फायर सर्विस राकेश राय, मेरठ और हापुड़ से एफएसओ कई दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में लग गए, लेकिन देर शाम तक भी फैक्ट्री से आग की लपटें और धुआं उठता रहा।
करोड़ों की मशीनें हुईं राख
फैक्टरी में सोल बनाने वाली एक मशीन की कीमत करीब पचास लाख रुपये है, यहां ऐसी तीन मशीनें लगी हैं। ये मशीनें लिक्विड रबर से सोल तैयार करती हैं।
दमकल गाड़ियों से नहीं निकला पानी
आग बुझाने आईं दमकल विभाग की दो गाड़ियाें से पानी ही नहीं निकला। एक गाड़ी का पानी डालने वाला नोजिल खराब था तो दूसरी गाड़ी में पानी ही नहीं था।
नहीं लगा नुकसान का अंदाज
संजय और संदीप अग्रवाल ने बताया कि जब तक आग पूरी तरह काबू में नहीं आती तब तक नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि डेढ़ करोड़ रुपये की तीन मशीनों के अलावा लाखों रुपये का माल गोदाम में था। ईद के बाद सीजन शुरू हो जाने के चलते फैक्टरी में पहले से ही माल तैयार कराकर स्टाक किया जाता है।
पानी की कमी आड़े आई
आग पर काबू नहीं पाए जाने का मुख्य कारण पानी की कमी रहा। पानी भरने को लेकर कई फैक्टरी वालों से झड़प भी हुई। गोदाम भी इस तरह से बनाया गया था कि दमकल गाड़ियों को वहां पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। गोदाम चारों ओर से कवर्ड था। बाद में जेसीबी से दीवार तोड़कर पानी अंदर डाला गया। वहीं, घटनास्थल से हापुड़ फायर स्टेशन की दूरी आठ किलोमीटर है। मेरठ की दूरी करीब 25 किमी है। ऐसे में दमकल गाड़ियों के खाली होने पर पानी की व्यवस्था के लिए आसपास की फैक्टरी से ही पंप का सहारा लेकर गाड़ियों को भरना पड़ा। पानी देने को लेकर भी झड़प हुईं।
जलती रही फैक्टरी, रोते रहे परिजन
आग लगते ही लेबर ने सबसे पहले फैक्टरी मालिक को सूचना दी। मौके पर घर की महिलाओं सहित सभी परिजन पहुंच गए। विकराल आग के सामने वे मूक दर्शक बने देखते रहे। फैक्टरी को राख होता देख परिजनों की आंखें भर आईं।
फोटो कैप्शन
1. आग पर काबू पाते फायर कर्मी।
2. आग पर काबू पाते फायर कर्मी।
3. मौके पर बंद हुई गाड़ी को धक्का लगाते लोग।
4. जेसीबी से तोड़ी जाती गोदाम की दीवार।
5. मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर।
6. दमकल गाड़ियों की लंबी कतार।
7. मौके का मुआयना करते एएसपी राहुल चौधरी।
8. गमगीन परिजन।

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