शहर से गांव तक कायम है अंधेरा

Meerut Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
मेरठ। रमजान में भी उपभोक्ताओं को बिजली के लिए तरसना पड़ रहा है। गांव से लेकर शहर तक हाहाकार मचा हुआ है। मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर होने से रोस्टिंग शेड्यूल गड़बड़ा गया है। यहां तक कि उद्योगों को 24 घंटे आपूर्ति का आदेश भी 24 घंटे के अंदर ही वापस ले लिया गया।
बारिश न होने, गर्मी की मार पड़ने और केंद्र सरकार की सख्ती प्रदेश वासियों पर भारी पड़ने लगी है। पारा बढ़ते ही बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। वहीं पावर प्लांटों में जेनरेशन इकाई बंद होने से उत्पादन कम हुआ है। इसका असर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के 34 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर पड़ा है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाले मेरठ डिस्काम को 5 हजार मेगावाट बिजली की मांग के सापेक्ष करीब 3500 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। मेरठ शहर में 5 मिलियन यूनिट प्रतिदिन के मुकाबले 2 से 3 मिलियन यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। गांवों में तो आंकड़ा एक मिलियन यूनिट प्रतिदिन को भी नहीं छू पा रहा है। शहर में 14 से 16 और गांवों में महज दो घंटे ही बिजली मिल रही है।
पावर प्लांटों में घटा उत्पादन
प्रदेश को 2500 मेगावाट तक बिजली देने वाले ओबरा, अनपरा, हरदुआगंज आदि पावर प्लांटों की एक-एक इकाई ठप होने से उत्पादन में गिरावट आई है। इसके अलावा ग्रिड फेल होने के चलते एनर्जी एक्सचेंज ने भी तल्खी दिखानी शुरू कर दी है। ओवरड्रा भी नहीं हो पा रहा है।
मांग और आपूर्ति में 40 फीसदी अंतर
राज्य उत्पादित और केंद्रीय ग्रिड से खरीद सहित प्रदेश को 8500 मेगावाट बिजली मिल पा रही है, जबकि मांग 12 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है।
ताबड़तोड़ रोस्टिंग से हाहाकार
शनिवार को ताबड़तोड़ रोस्टिंग और लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती से हाहाकार मचा रहा। सुबह 8:35 से 9 बजे तक रोस्टिंग हुई। इसके बाद 12:05 से 3:05 बजे तक और शाम सवा सात बजे से सवा आठ बजे तक रोस्टिंग हुई। लोकल फाल्ट के नाम पर भी बिजली काटी जाती रही।
ईद के बाद मचेगा हाहाकार
ईद के बाद बिजली की हालत और ज्यादा खराब होने जा रही है। बारिश नहीं होने से बिजली की मांग में तेजी से इजाफा हो रहा है। पावर सूत्रों के मुताबिक सरकार ईद तक तो किसी तरह स्थिति को सामान्य रखेगी लेकिन त्योहार खत्म होते ही बिजली की किल्लत बढ़ जाएगी।
बिजलीघर में तोड़फोड़, एसएसओ को बनाया बंधक
परतापुर। ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त बिजली न आने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजलीघर में घुसकर तोड़फोड़ की और एसएसओ को बंधक बना लिया। प्रदर्शनकारियों ने डेढ़ घंटे तक दो फीडरों की सप्लाई बंद रखी।
पिछले माह से ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र छह घंटे बिजली दी जा रही है। इसके चलते खेतों में सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। शनिवार सवेरे आठ बजे परतापुर क्षेत्र कताई मिल परिसर में स्थित इटायरा विद्युत फ ीडर पर जैनपुर के ग्रामीण आ गए और पर्याप्त बिजली न आने को लेकर हंगामा करने लगे। उस समय फ ीडर पर एसएसओ रामपाल मौजूद थे। जेई अनिल कुमार वर्मा को फ ीडर पर न देखकर ग्रामीणों का गुस्सा और भी भड़क गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने फ ीडर में घुसकर तोड़फ ोड़ की। भीड़ ने एसएसओ को बंधक बनाकर शताब्दीनगर और कैटल फ ीड फीडर की विद्युत सप्लाई को भी बंद कर दिया, जो करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही। एसएसओ ने सारा घटनाक्रम एसडीओ और एक्सईएन को बताया, लेकिन दोनों ने आने से इनकार कर दिया। ग्रामीण बिना किसी आश्वासन के ही लौट गए।

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