पुलिस के गले की फांस बन सकती है योगेश की मौत

Meerut Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
मेरठ/मोदीपुरम। दौराला कस्बा में दो पक्षों के बीच संघर्ष के बाद योगेश की मौत का मामला पुलिस के गले की फांस बन सकता है। इस मामले में मृतक के पुत्र का बयान अलग ही कहानी बयां कर रहा है। पीड़ित पुत्र ने मौत का कारण पुलिस का अमानवीय व्यवहार बताया है। इस मामले में राजनीति शुरू होने से पुलिस का सिरदर्द और बढ़ गया है।
विज्ञापन

बुधवार रात राजपाल और योगेश के परिवार में मारपीट हो गई थी। सूचना पर दौराला थाना पुलिस पहुंची और योगेश शर्मा को पकड़कर थाने ले आई। यहां से तबीयत बिगड़ने पर योगेश को अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक योगेश के पुत्र मोनू उर्फ अश्वनी की तरफ से राजपाल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली और तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया।
अब यह मामला पुलिस पर उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को सपा नेता अतुल प्रधान मृतक योगेश के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। उन्हें परिजनों ने बताया कि योगेश हृदय रोगी था। पुलिस अमानवीय व्यवहार करते हुए योगेश को घसीटकर थाने ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के इस व्यवहार के कारण ही योगेश की मौत हुई। अतुल प्रधान ने एसपी देहात से मामले की गंभीरता से जांच कराई जाने की मांग की।
कार्रवाई और बयान में उलझाव
एक तरफ जहां योगेश के परिजन हार्ट पेशेंट होने और पुलिस के अमानवीय व्यवहार को उसकी मौत का कारण बता रहे हैं। वहीं दूसरे पक्ष के विरुद्घ हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज करा रहे हैं। वहीं पुलिस की कार्रवाई भी संदेह के घेरे में है। योगेश पक्ष ने राजपाल पक्ष के घर पर हमला किया। दोनों तरफ से जमकर बलवा हुआ। इसमें राजपाल पक्ष के कई लोग घायल हुए। पुलिस राजपाल पक्ष की सूचना पर ही मौके पर पहुंची। फिर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस ने राजपाल पक्ष के घायलों का संज्ञान नहीं लिया और सिर्फ योगेश पक्ष की तहरीर पर ही हत्या का केस दर्ज कर लिया। बचाव में किया सारा खेल
सूत्रों की मानें तो योगेश की मौत पुलिस कस्टडी में हुई। खुद को बचाने के लिए पुलिस ने योगेश पक्ष से साज कर आनन फानन में राजपाल पक्ष के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। इससे योगेश पक्ष को जहां अपने विरोधियों को फंसाने का पूरा मौका मिल गया, वहीं पुलिस ने अपनी फंसी गर्दन भी बाहर निकाल ली।
एसओ पर लगे रासुका
मामले में व्यापारी नेता जीतू नागपाल के नेतृत्व में कई व्यापारियों ने शुक्रवार को एसएसपी आफिस पर जमकर प्रदर्शन किया और एसओ दौराला पर केस दर्ज करते हुए रासुका लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि योगेश की मौत पुलिस की अमानवीयता के चलते हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us