बेजुबानों पर टूटा कहर !

Meerut Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। मूक बधिर विद्यालय में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को प्रधानाचार्य पर बच्चों को लोहे की रॉड से मारने का आरोप लगाया गया। इस मामले में बच्चों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों ने भी कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा किया। बाद में मामला सदर थाने भी पहुंचा, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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ये है मामला
रेसकोर्स रोड स्थित मूक बधिर विद्यालय के आठवीं पास बच्चे आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जबकि उनके माता-पिता से दस हजार रुपये तक ले लिए गए हैं। उधर, स्कूल के टीचर्स समेत पूरे स्टाफ का कहना है कि उन्हें कम वेतन दिया जा रहा है और बचा वेतन प्रधानाचार्य डकार रहे हैं। विरोध करने पर निकालने की धमकी देते हैं।
सोमवार को हुआ जमकर बवाल
आरोप है कि आठवीं पास दो बच्चे स्कूल पहुंचे और कक्षा में जाकर बैठ गये, जिन्हें शिक्षिका पढ़ाने लगी। इसी बीच प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र कौशिक आए और बच्चों को धक्के देकर कक्षा से बाहर निकाल दिया। स्कूल का वाहन चलाने वाले अकबर ने बताया कि उसने खुद प्रधानाचार्य को एक बच्चे रमन की बांह पर लोहे की रॉड मारते देखा। रमन ने अपनी सूजी बांह भी दिखाई। इस मामले को लेकर पूरे स्कूल के बच्चे एकजुट हो गए और स्टाफ भी उनके पक्ष में उतर आया। हंगामे की सूचना पर सदर थाना पुलिस भी पहुंची, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद बच्चे डीएम आफिस पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें डीएम से नहीं मिलने दिया गया।
अब ये बच्चे अपने अभिभावकों और स्कूल स्टाफ के साथ मंगलवार सुबह जिलाधिकारी से मिलने का प्रयास करेंगे।
ये भी आरोप
एक अभिभावक प्राची ने प्रधानाचार्य पर बिना रसीद दिए 2100 रुपये लेने का आरोप लगाया। प्राची का कहना है कि उसका बच्चा स्कूल में पढ़ता है। फीस के नाम पर उससे ये पैसे लिये गये, लेकिन रसीद नहीं दी गयी।
26 लोगों का है स्टाफ
मूक बधिर विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत 16 शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य को मिलाकर कुल 26 लोगों का स्टाफ है। प्रधानाचार्य के अनुसार केवल 18 की ग्रांट आती है। बाकी स्कूल दान के माध्यम से चलता है।
वर्जन
- केंद्र सरकार से इस बार ग्रांट नहीं मिली है। इसलिए नौवीं और 12वीं की कक्षाएं नहीं चला सकते हैं। लेकिन पास आउट छात्र विद्यालय में रहना चाहते हैं। इस छात्रावास में लड़कियां भी हैं। पास आउट बड़े लड़कों को वह विद्यालय में कैसे प्रवेश दें। स्टाफ को मैं सख्ती से पढ़ाने के लिए कहता हूं। इसलिए वह खिलाफ है। बच्चे की पिटाई का आरोप गलत है।
- हरिश्चंद्र कौशिक, प्रधानाचार्य
- घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस स्कूल गयी थी। लेकिन पिटाई के मामले में कोई तहरीर अभी नहीं आयी है। अगर तहरीर आयेगी तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी।
मुनेन्द्रपाल सिंह, इंस्पेक्टर सदर
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