डीआईओएस दफ्तर न जाएं वहां पैसे लिए जाते हैं, बोले मंत्री

Mau Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
मऊ। बाल विकास पुष्टाहार एवं बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद को गुरुवार को कन्या विद्या धन के चेक पाने से वंचित सैकड़ों छात्राओं ने घेर लिया। उन्हें पीड़ा बताई कि विद्यालय से लेकर लेखपाल तक प्रमाण पत्रों के लिए पैसे देने पड़े। पहली सूची में नाम होने के बावजूद उन्हें चेक नहीं मिला। इस पर मंत्री ने छात्राओं के आंसू पोंछते हुए कहा कि वह डीआईओएस दफ्तर क्यों जाती हैं, वहां तो पैसा लिया जाता है। किसी को अब कार्यालय जाने की जरूरत नहीं। उनका कन्या विद्या धन का पैसा अब सीधे उनके खाते में जाएगा। इस आश्वासन के बाद छात्राओं का गुस्सा शांत हुआ।
विज्ञापन

गुरुवार को सोनी धापा इंटर कालेज में कन्या विद्या धन के चेक बांटने का कार्यक्रम था। प्रथम चरण में महज 1536 कन्याओं को आमंत्रित किया गया था। चिह्नित छात्राओं को परिचय पत्र के साथ कार्यक्रम में शामिल किया गया था। शेष बिना सूचना के पहुंची सैकड़ों छात्राआें को गेट पर ही रोक दिया गया। कन्या विद्याधन का चेक वितरण कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राज्यमंत्री वसीम अहमद जब अपने स्टाफ कार में सवार होने के लिए जाने लगे तो उनकी कार के सामने ही सैकड़ों छात्राएं खड़ी हो गई। छात्राओं ने सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। छात्राओं के घेराव करने पर प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथ पांव फूलने लगे। खैर, मंत्री जब उनकी शिकायत सुनने के लिए तैयार हुए तो छात्राओं ने आरोपों की झड़ी लगा दी। कहा कि कन्या विद्याधन के लिए विद्यालय से लेकर लेखपाल एवं शिक्षा विभाग तक में पैसे लिए जा रहे हैं। पैसा न देने वालों को योजना के लाभ से वंचित भी करने की भी चेतावनी दी जा रही है। मंत्री ने छात्राओं से कहा कि वह डीआईओएस दफ्तर न जाएं, फिर उनसे कोई पैसा नहीं लेगा। आगे से उनका पैसा सीधे खाते में भेजा जाएगा। इस भरोसे पर छात्राएं घर लौट गईं। इस दौरान एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि जो कर्मचारी छात्राओं से भी इस योजना के लिए पैसे ले रहा है उनकी प्रवृत्ति कुत्ते जैसी है। वह अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे ही लोग सरकार को बदनाम कर रहे हैं। विरोध करने वाली छात्राओं में सीबा परवीन, शबनम, शगुफ्ता अनवर, हेना, आशिया खातून, सीमा परवीन, ईरम जोहरा, तरन्नूम परवीन, सोनी सहित सैकड़ों छात्राएं आश्वासन मिलने के बाद बिना कन्या विद्याधन पाए ही मायूस घर वापस लौट गई।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X