आखिरकार उतर गई एआरएम के वाहन की नीली बत्ती

Mau Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
मऊ। आखिरकार एआरएम की बोलेरो शनिवार को बगैर नीली बत्ती के दिखाई पड़ी। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व बिना अधिकार के भी वे अपने वाहन में नीली बत्ती का इस्तेमाल कर रहे थे। जिसको लेकर अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ‘रोडवेज के एआरएम कर रहे नीली बत्ती का इस्तेमाल’ शीर्षक खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। वहीं मामले की जानकारी पाकर जिलाधिकारी ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की थी। खैर देर आए, लेकिन दुरुस्त आए।
मऊ रोडवेज डिपो पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में रमेश कुमार की तैनाती वर्ष 2009 से है। लेकिन बीते लगभग छह माह से नियमों को ताक पर रखकर वे बोलेरो पर नीली बत्ती लगाकर आवागमन के साथ ही विभागीय दौरा करते थे। जबकि नीली बत्ती के इस्तेमाल के लिए वे शासन द्वारा अधिकृत नहीं है। सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह रही कि विभाग के उच्चाधिकारियों की भी नजर कभी एआरएम के वाहन की ओर नहीं गई। शुक्रवार को भी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की नीली बत्ती युक्त वाहन रोडवेज के मुख्य द्वार पर खड़ा था। अमर उजाला द्वारा मामले को डीएम से अवगत कराने के साथ ही जब एआरएम से इस बाबत पूछा गया तो वे सकपका गए और कई प्रकार के नियमों का हवाला देने लगे। लेकिन शनिवार को खबर प्रकाशित होते ही नगर क्षेत्र स्थित रोडवेज डिपो में हड़कंप मच गया। आननफानन में एआरएम ने अपने वाहन से नीली बत्ती को निकलवाया और सामान्य तरीके से वाहन से चलने लगे। वहीं रोडवेज पर कर्मचारी चुटकियां लेते देखे गए कि डीएम साहब की भृकुटी तनी नहीं और इधर एआरएम साहब की गाड़ी के ऊपर अंधेरा हो गया।

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