रेल यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे

Mau Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
मऊ। ट्रेनों में यात्रियों के साथ बढ़ती जहरखुरानी, चोरी आदि घटनाओं पर नकेल कसने की जिम्मेदारी यूं तो राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सौंपी गई है। लेकिन मऊ जंक्शन परिक्षेत्र के अंतर्गत चलने वाले ट्रेनों के यात्री अब अपने को महफूज नहीं पा रहे हैं। ट्रेनों में आए दिन जहरखुरानी, छेड़खानी सहित चोरी की घटनाएं हो रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है इनसे संबंधित अपराधों की दर्ज संख्या एक वर्ष में 26 है। इसके अलावा अधिकांश मामले को तो जीआरपी थाने के गेट तक ही नहीं पहुंचने देती। उसे मौके से टाल मटोल कर निबटा देती है।
मऊ थाना जीआरपी अंतर्गत एक एसओ, चार एसआई, तीन हेड कांस्टेबुलों और 44 कांस्टेबुलों की तैनाती का यहां मानक है। इसके सापेक्ष वर्तमान में एसओ के रुप में ब्रह्मा गोंड, एसआई अशोक कुमार सिंह, हेड कांस्टेबिल केदारनाथ गोंड समेत 53 कांस्टेबुलों की तैनाती है। इसमें नौ कांस्टेबुल निर्धारित संख्या से अधिक हैं वहीं तीन एसआई और दो हेड कांस्टेबिलों का पद रिक्त चल रहा है। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो एक वर्ष के अंदर जीआरपी द्वारा सिर्फ 26 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें से मात्र एक मामला जहरखुरानी का था, जबकि आए दिन स्टेशन पर जहरखुरानी की घटनाएं होती हैं। थानाध्यक्ष जीआरपी ब्रह्मानंद गोंड का कहना है कि उनके स्तर से यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। समय-समय पर प्लेटफार्म पर सघन चेकिंग भी कराई जाती है। जो भी मामले संज्ञान में आते हैं उनको रजिस्टर पर दर्ज किया जाता है। अगर किसी भी पीडि़त की यह शिकायत है कि उनका मामला दर्ज नहीं किया जाता है तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।

बैरक और थानों में साफ-सफाई का अभाव
मऊ। जीआरपी के बैरक और थाने में साफ-सफाई की हालत यह है कि यहां पर कभी-कभार ही झाड़ू लगाए जाते हैं। यहां पर तैनात कर्मियों ने बताया कि साफ-सफाई के अभाव में काम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

36 आरपीएफ कर्मियों की है तैनाती
मऊ। रेलवे की संपत्तियों एवं यात्रियों की हिफाजत के लिए जीआरपी के अलावा मऊ जंक्शन पर निर्धारित 36 रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें इंस्पेक्टर के रुप में डीके शर्मा, समेत दो सब इंस्पेक्टर, तीन सहायक, बारह हेडकांस्टेबिल और 18 कांस्टेबिलों की तैनाती है।

विभागीय उदासीनता से यात्री हैं परिचित
मऊ। मऊ जंक्शन पर जाने के लिए ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों का कहना है कि वैसे तो यात्रियों की सुरक्षा करना राजकीय रेलवे पुलिस का प्रथम दायित्व है। लेकिन हालत यह है कि पुलिस द्वारा अधिकतर मामलों में लीपापोती करके रफादफा कर दिया जाता है। यही हालत आरपीएफ का भी है। ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री रामध्यान ने बताया कि राजकीय रेलवे पुलिस की यह प्राथमिकता है कि वह यात्रियों को जहरखुरानों, चोरी, छिनैती आदि घटनाओं से सुरक्षा प्रदान करें। शकील का कहना है कि ट्रेनों में बढ़ती घटनाओं से यात्री काफी सोच-समझकर यात्रा करने को मजबूर हो रहे हैं। महिला यात्री राधिका का कहना है कि ट्रेन में यात्रा करते समय महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रेलवे को और कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है।

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