गाली दे रहे बंदियों को आक्रोशित वकीलों ने दौड़ाया

Mau Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
मऊ। जिला जेल से पेशी पर आए बंदी गुरुवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ता हत्या मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर चल रही हड़ताल पर आक्रोशित हो उठे। उन्होंने अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की साथ ही गालियां भी दीं। उधर, आक्रोशित अधिवक्ताओं बंदियों को वाहन से उतरते ही दौड़ा लिया। बंदीरक्षकों ने किसी तरह बंदियों को लाकअप में पहुंचाया। वकीलों ने कचहरी के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी पर जिला जज लाकअप कक्ष के पास पहुंचे और प्रभारी को पूरे मामले के संदर्भ में तहरीर लिख कर पुलिस को देने का आदेश दिया। एसपी के आदेश पर 31 बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अधिवक्ताओं के चले जाने पर बंदियों को जिला जेल पहुंचाया गया।
अधिवक्ता अफजल अली के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिवक्ताओं की नौ अक्तूबर से हड़ताल चल रही है। हड़ताल के चलते पेशी नहीं होने पर बंदी तेवर में आ गए। उन्होंने जिला जेल से लेकर कचहरी तक अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इससे नाराज अधिवक्ता बंदियों को दौड़ा लिए। लेकिन बंदीरक्षकों ने बीचबचाव और मिन्नतें कर बंदियों को लाकअप में पहुंचाया। सूचना पर जिला जज विजय प्रताप सिंह लाकअप कक्ष के पास अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ पहुंचे। मामले की पूरी जानकारी लेकर उन्होंने लाकअप प्रभारी कांशीराम को समूचे घटनाक्रम पर मुकदमा दर्ज कराने के का आदेश दिया। इसके पश्चात डीएम और एसपी को तलब कर अधिवक्ताओं और कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिया। शाम तक कचहरी में गहमागहमी का माहौल रहा। सभी अधिवक्ताओं के चले जाने पर बंदियों को लाकअप कक्ष से निकाल कर जिला जेल पहुंचाया गया। कचहरी के बाहर पूरे दिन जनपद के कई थानों की फोर्स दंगा नियंत्रक वाहनों के साथ मौके पर डटी रही। एसपी का कहना है कि बंदियों का ऐसा आचरण बेहद निंदनीय है। कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता की जाएगी। अधिवक्ताओं की तहरीर पर पेशी पर आए सभी बंदियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बंदियों के खिलाफ वकीलों ने दी तहरीर
मऊ। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री रामकृत यादव ने पेशी पर आए 31 बंदियों द्वारा अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के विरुद्ध किए गए अपशब्दों के प्रयोग एवं धमकी देने के बाबत शहर कोतवाली में तहरीर दी है। साथ ही महामंत्री ने घटना के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

कचहरी में लगे बाहरी फोर्स, हटे शहर कोतवाल
मऊ। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार के अध्यक्ष राजेंद्र राय और महामंत्री रामकृत यादव ने जिला जज विजय प्रताप सिंह को पत्र लिखकर कचहरी परिसर की सुरक्षा पीएसी या बाहरी फोर्स से कराने की मांग की। बार पदाधिकारियों ने जिला जज को अवगत कराया है कि पेशी पर आए बंदियों ने अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियाें के विरुद्ध अपशब्दाें का प्रयोग किया। साथ ही कहा कि और अधिवक्ताओं की हत्या की जाएगी। कैदियों के इस व्यवहार से कचहरी परिसर में भय का माहौल बना हुआ है। अपराधी जेल में बैठकर आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे रहे है। इस परिस्थिति में कचहरी परिसर में न्यायिक कार्य किया जाना अत्यंत कुंठित है। इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को भी तत्काल हटाए जाने की मांग अधिवक्ताओं द्वारा किया गया है। उधर, जिला जज विजय प्रताप सिंह ने डीएम-एसपी को कचहरी परिसर की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया। साथ ही कचहरी परिसर और न्यायालयों में पीएसी की तैनाती करने का निर्देश दिया।

पेश नहीं हो सके बंदी
मऊ। बंदियों के अशोभनीय व्यवहार से क्षुब्ध अधिवक्ताओं के तेवर को देखते हुए पेशी पर आया कोई बंदी कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। जिला जेल से बंदियों को लेकर आया वाहन पूर्वाह्न करीब पौने 12 बजे कचहरी परिसर में प्रवेश किया। जिसके बाद वे सभी शाम पांच बजे तक लाकअप कक्ष में ही पड़े रहे। अधिवक्ताओं के जाने के बाद ही उन्हें वहां से बाहर निकाला गया।


लगातार हड़ताल से वादकारी हो रहे परेशान
मऊ। अधिवक्ता अफजल अली की हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दीवानी कचहरी के अधिवक्ता गत नौ अक्तूबर से लगातार हड़ताल पर है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न अंचलों से न्याय की आशा से कचहरी आए वादकारियों को मायूसी ही हाथ लग रही है। आजमगढ़ से अपने मामले की पैरवी करने कचहरी आए वादकारी मोती सिंह ने कहा कि वह अपने मामले की पैरवी करने के लिए आया था। लेकिन अधिवक्ताओं के हड़ताल के चलते कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। महंगाई इतनी बढ़ गई है। वकील साहब लोग हड़ताल करें लेकिन हम गरीबों का भी ख्याल करें। घोसी से अपने मामले की पैरवी करने आयी महिला अंजू ने कहा कि अधिवक्ताओं के हड़ताल के चलते उसके मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। मायूस होकर घर वापस जा रही हूं। वहीं नगर क्षेत्र के अर्जुन सोनकर व रामसरन ने बताया कि वह शपथ पत्र बनवाने के लिए कचहरी आए है। लेकिन न्यायालय का गेट बंद होने के चलते परिसर में नहीं जा सके। जिसके चलते बैरंग ही घर वापस होना पड़ रहा है।

तमाशबीन बन कचहरी के बाहर रही पुलिस
मऊ। बंदियों द्वारा अधिवक्ताओं के विरुद्ध किए गए अपशब्दों के प्रयोग के बाद अधिवक्ताओं के उग्र तेवर को देखते हुए जिले के कई थानों की फोर्स को कचहरी बुला लिया गया। लेकिन अधिवक्ताओं ने पुलिस फोर्स को कचहरी परिसर में घुसने से रोक दिया। जिसके चलते पूरी फोर्स कचहरी के बाहर ही तमाशबीन बन खड़ी रही। इस दौरान पुलिस बल को काफी आलोचनाएं और उपहासात्मक शब्द भी सुनने पड़े।

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