बारिश का कहर-महिला समेत दो की मौत,तीन झुलसे

Mau Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
मऊ। जिले भर में मूसलाधार बरसात से कच्चे मकानों के गिरने के चलते मलबे में दबकर महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि वज्रपात की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं दर्जन भर से ज्यादा मकान भीषण बारिश का सामना न कर पाने के कारण जमींदोज हो गए है। जिससे दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल होकर अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं। उधर, काछीक ला में एक पोल्ट्रीफार्म में पानी घुसने से दो हजार मुर्गियां मर गईं। घटना से मुर्गीपालक के घर में कोहराम मच गया है। चार-पांच दिनों से जारी बरसात ने जहां एक ओर किसानों को बेहद सुकून पहुंचाया है। वहीं दूसरी ओर कच्चे मकानोें और पेड़ों की शामत सी आ गई है। हालांकि मंगलवार को अपराह्न बाद धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
घोसी संवाददाता के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के सोमारीडीह भरौटी में 74 वर्षीय मनराजी देवी पत्नी झोलई की कच्चा मकान के ढहने से मलबे में दबकर मौत हो गई। बोझी संवाददाता के अनुसार, बड़रांव गांव में सोमवार की रात 45 वर्षीय किसान रामजनम मौर्य पुत्र मुख्तार खेत घूमने के बाद आकर अपने ट्यूवेल स्थित खपडै़ल के मकान में सो गया। रात को तीन बजे अचानक मकान भहराकर ढह गया। जिसमें दब कर किसान की मौत हो गई। घटना से परिजनों में हड़कंप मच गया है। कोपागंज संवाददाता के अनुसार, मूसलाधार बरसात से छह कच्चे मकान गिर गए। जिसमें लैरोदोनवार मेें काछीकला और भेलाबंाध में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। काछीकला में सबरू पुत्र दुर्बल, बहादुर पुत्र रमई, कैलाश पुत्र रघुनाथ, लैरोदोनवार में संपति पुत्र विदेशी, हरिश्ंचद, भेलाबांध में गनेश पुत्र दीपचंद का घर गिरकर जमींदोज हो गया। वहीं काछीकला रहमत नगर में अलीरजा पुत्र हाजी खुर्शीद के पोल्ट्रीफार्म में पानी घुस गया। जिससे दो हजार मुर्गियां मर गईं। घटना से अलीरजा बेसुध सा हो गया है। उधर, रईसा में बिजली गिरने से रामप्रीत राजभर, लखेंद्र और जितेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए। मधुबन संवाददाता के अनुसार, धर्मपुर तरकुलवंा में मड़ई में बंधी गाय और बकरी पर बिजली गिर गई। चपेट में आते ही मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। हलधरपुर संवाददाता के अनुसार, मूसलाधार बारिश की चपेट में आने से बिलौझा के शिवमोहन पुत्र विक्रम, बड़ागांव के मनोज पुत्र झांगुर, इंद्रजीत मौर्य पुत्र सुदामा, जमालपुर निवासी वदरिया पुत्र महगुराम, रामविलास पुत्र सीता राम चौहान का घर गिर गया। जिसमें जवाहिर, मुन्ना को चोट भी आई। सुल्तानपुर संवाददाता के अनुसार, गोधना, सुल्तानपुर, कपरियाडीह, अहमदपुर असना, कटाई चवर, गोफा मेें गई घर गिर गए। बिजली का तार भी टूट कर गिर गया। चपेट में आने से लोग बाल-बाल बचे। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार, थाना क्षेत्र के विशुनपुरा में बारिश से जर्जर हुए कच्चा मकान के गिरने से रामप्यारे पुत्र देवनाथ, इनकी मां इंद्रासनी और पत्नी भानमती गंभीर रूप से घायल हो गई। रानीपुर संवाददाता के अनुसार, भौरेपुर में हरिहर यादव का कच्चा मकान बारिश की चपेट में आकर जमींदोज हो गया। अमिला संवाददाता के अनुसार, उसरीखुर्द में नवल पुत्र फूलचंद, भटमीला बाजार में विक्रम पुत्र बेचन, हरिलाल पुत्र कुमार, सिकंदर पुत्र निजामू, रामजन्म यादव पुत्र चंद्रपत यादव, उसरीबुजुर्ग अनिल पुत्र गोविंद, अतरसांवा में रामबदन यादव पुत्र गुरचन, जमुआरी में वसीम, खरभरन, सलाउद्दीन, भूरी, हरिगांव में रमाशंकर पुत्र लालू, रामपुरसोहन में सोहनलाल पुत्र बलदेव, मुजारबुजुर्ग में नगरू पुत्र झगरू का कच्चा मकान मूसलाधार बारिश के चलते धराशायी हो गया है। जिलेभर में बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। धान की फसल के लिए बीते दिनों में बारिश ने संजीवनी का काम किया है। वहीं कई विशालकाय वृक्ष खड़े-खड़े ही गिर गए हैं।

घाघरा में बाढ़ में हजारों एकड़ फसल जलमगभन
लाल निशान से 25 सेमी ऊपर बह रही नदी
ऐतिहासिक धरोहरों के विलीन होने का बढ़ा खतरा
पशुओं के चारे के लिए हुआ संकट
दोहरीघाट। घाघरा नदी के खतरा निशान से 25 सेमी ऊपर बहने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों पर आफत आ गई है। दर्जनों गांवों की हजारों एकड़ फसल जलमगभन हो गई है। वहीं नगर के तीन मुहल्लों में पानी घुसने से अफरातफरी मच गई है। नदी के जलस्तर लगातार बढ़ने तथा कटान का क्रम जारी रहने से ऐतिहासिक धरोहरों और तटवर्ती इलाकों के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान हर साल की तरह इस बार भी नहीं ढूंढ़ा जा सका है।
घाघरा के खतरा निशान से 25 सेमी ऊपर बहने से चाराें ओर हड़कंप मच गया है। कस्बा के तीन मुहल्लाें मल्लाह टोला, भगवानपुरा, दलित बस्ती में बाबा मेला राम की तरफ से 150 मीटर अंदर तक पानी घुस गया है। घाघरा के रौद्र रूप धारण करने का आलम यह रहा कि धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर, गोधनी, बीवीपुर सहित दर्जनों तटवर्ती गांवों की हजारों एकड़ फसलें जलमगभन हो गई है। पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। घाघरा के जलस्तर पर नजर डालें तो सोमवार को नदी का जलस्तर 69.80 मीटर रहा। जबकि मंगलवार को 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 70.15 मीटर पर बह रही है। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है। कटान जारी रहने से नगर की अनेक ऐतिहासिक धरोहरें नदी में विलीन हो चुकी हैं। कटान रोकने काम कागज पर ही चल रहा है। मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर पर घाघरा की लहरें टक्कर मार रही है। कटान जारी रहने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला और मुक्तिधाम पर संकट के बादल मंडराने लगा है। भारत माता नदी में विलीन हुआ तो भारी तबाही निश्चित है। शासन प्रशासन की उपेक्षा से लोग आक्रोशित हैं।

लंबे अरसे से हो रही है रेगुलेटर लगाने की मांग
दोहरीघाट। धनौली लोहड़ा बंधे पर रेगुलेटर लगाने की मांग लंबे अरसे से हो रही है। प्रशासन की ओर से मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। रेगुलेटर न होने से हजारों एकड़ फसल प्रतिवर्ष बर्बाद होती है। लाख गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन मौन है। इस संबंध में क्षेत्र के श्री प्रकाश राय, महेंद्र सिंह, रामाश्रय यादव, रामसमुझ यादव, ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि रेगुलेटर लगाए जाने के लिए कई बार ज्ञापन दिया गया लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं किया जा सका है। उन्होंने पानी की निकासी के लिए रेगुलेटर लगाने की मांग की है।

हवा हवाई साबित हो रहा है शासन का फरमान
दोहरीघाट। घाघरा की तबाही से बचाने के लिए बनाए गए बंधों पर मरम्मत कार्य के लिए शासन की ओर से जारी किया गया फरमान हवा हवाई साबित हो रहा है। बंधों में कई जगह दरारें पड़ गई हैं। यही नहीं जानवरों ने सुरंग भी बना दिया है। वर्षों से जर्जर बंधों पर मरम्मत कार्य न होने से पानी का दबाव पड़ने पर बंधे के टूटने की संभावना बढ़ गई है। तटवर्ती इलाके के लोग तबाही की आशंका से भयभीत नजर आ रहे हैं। दोहरीघाट-आजमगढ़ मार्ग पर महुला गढ़वल बांध व चिऊटीडांड़ रिंग बांध की स्थिति दयनीय हो गई है। बंधों में कई जगह दरारें पड़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्षो से मरम्मत कार्य कागज पर ही चल रहा है। चिऊटीडांड़ रिंग बांध का है। इससे धनौली रामपुर, गोड़ौेली, खरकौेली, फरसरा कादीपुर सहित दर्जनों गांवों सुरक्षा रामभरोसे है। इसी तरह नौली, चिऊटीडांड़, हरधौेली, चकभगवानदास आदि गांवों के लोगों ने बंधों की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

कोहरे ने लगाया ऐसा ब्रेक, एक के बाद एक भिड़ीं कई गाड़ियां

वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग पर गुरुवार को घने कोहरे के बीच दो एक सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर एक के बाद एक चार गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की भी खबर है।

21 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper