बुनकरों की कमाई महंगाई डायन खाए जात है...

Mau Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
मऊ। जैनुलहसन की पूरी उम्र गुजर गई एक लूम चलाते-चलाते। लेकिन आज तक सिर पर न तो छत नसीब हो पाई और न ही कमरे का आकार बढ़ पाया। एक पावरलूम से पूरे परिवार का खर्च कैसे चलेगा जब मजदूरी वही की वही है जबकि महंगाई कई गुना अधिक बढ़ गई। यह हाल सिर्फ जैनुल हसन का नहीं बल्कि अयूब, शकील सहित सैकड़ों बुनकर परिवारों का है। बेचारे बुनकरों की कमाई महंगाई डायन खाए जात है।
जिले का प्रमुख कारोबार साड़ी उद्योग है। यहां आज भी एक लाख से अधिक परिवारों की रोजी रोटी इसी पर निर्भर है। पहले जिले में एक लाख से अधिक पावरलूम चलते थे लेकिन आज उनकी संख्या घटकर आधा हो गई है। हालांकि मंदी की मार के बाद अधिकांश बुनकरों ने इस धंधे से तौबा कर ली और पलायन कर खाड़ी देशों एवं महानगरों की राह पकड़ ली। लेकिन अधिकांश लोगों ने इसी कारोबार में अपना भविष्य तलाशना जारी रखा। आज इंब्राइड्री मशीनों के आ जाने से मऊ की साडि़यों को कुछ जरूर गति मिली है लेकिन बुनकरों की हालत जो दस साल पहले थी वही आज भी है। उनकी मजदूरी में पिछले दस सालों में महज दस प्रतिशत का ही किसी प्रकार इजाफा हो पाया है। जबकि आज खाद्य सामग्रियों से लेकर हर सामानों की कीमत में कई गुना इजाफा हो गया है। इसके चलते बुनकर परिवारों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।

बाजार मिले और रा मैटेरियल में सब्सिडी
मऊ। जिले में दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही बुनकरों की स्थिति के बारे में बुनकर नेता खालिद अंसारी कहते हैं कि मऊ का साड़ी कारोबार आधुनिकता बनाम परंपरागत के बीच पिस रहा है। एक तरफ सूरत की कंप्यूटराइज्ड साडि़यों के मुकाबले बाजार में न टिकने के चलते समस्या खड़ी हो रही है तो दूसरी तरफ यहां के बुनकर परंपरा को पूंजीपतियों के हाथों में चले जाने के भय से किसी प्रकार जिंदा रख कर अपना पेट पाले हुए हैं। सभी के पास इतनी पूंजी भी नहीं है कि वह सूरत जैसी आधुनिक व्यवस्था के बीच कारोबार को गति दें। कहा कि सरकार को बुनकरों की स्थिति को समझते हुए रा मैटेरियल पर सब्सिडी देनी चाहिए वहीं उन्हें मार्केट भी उपलब्ध कराना चाहिए ताकि उनकी आर्थिक दशा में कुछ सुधार हो सके। नौशाद अंसारी कहते हैं कि प्रदेश सरकार बुनकरों के हित की बात तो कर रही है लेकिन अभी तक कुछ भी जमीन पर नहीं दिखाई दे रहा है। इससे मऊ के आम बुनकरों को कुछ लाभ मिल सके। बताया कि एक बुनकर हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी एक दिन में एक लूम से से डेढ़ सौ से दो सौ रुपये भी नहीं कमा पाता है।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

कोहरे ने लगाया ऐसा ब्रेक, एक के बाद एक भिड़ीं कई गाड़ियां

वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग पर गुरुवार को घने कोहरे के बीच दो एक सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर एक के बाद एक चार गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की भी खबर है।

21 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper