विज्ञापन

दर्जनों विद्यालयों में मिड डे-मील बंद

Mau Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मऊ। जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में चल रही मध्याह्न भोजन योजना का हाल बेहाल है। मानक के अनुरूप सामानों के मुहैया न कराने से छात्र भोजन करने से कतरा रहे हैं। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ से वंचित होने के भय से बच्चे भी विरोध करने का साहस जुटा पा रहे हैं। दर्जनों परिषदीय विद्यालयों में आपसी खींचतानी से मिड-डे-मील बंद चल रहा है। महकमे की ओर से कनवर्जन मनी का भुगतान भी महीनों बाद होने के चलते गुणवत्ता भोजन नहीं बन पा रहा है। कुछ अभिभावक शिकायत करते भी हैं तो मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। आला अधिकारी भी सब कुछ ओके बता रहे हैं। जबकि हकीकत कुछ और ही है।
विज्ञापन
बच्चों को कुपोषण से बचाने तथा विद्यालयों में छात्राें की संख्या को बढ़ाने के लिए शासन की ओर से जिले के जनपद में 1029 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में योजना का संचालन किया गया। शासन की ओर से प्रति छात्रों को मानक के अनुरूप भोजन देने का फरमान जारी किया गया है। लेकिन अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापरक भोजन मयस्सर नहीं हो पा रहा है। महकमे की ओर से कनवर्जन मनी का भुगतान महीनों बाद किया जा रहा है। ऐसे में हर महीने भुगतान न होने से ग्राम प्रधानों द्वारा उधार सामान खरीदा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो महीनों उधार देने के चलते दुकानदार भी महंगा सामान देता है। विद्यालयों में मानक के अनुरूप भोजन उपलब्ध का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधान ही शिक्षा समिति का अध्यक्ष होता है और प्रधानाध्यापक सचिव। प्रधानाध्यापक सब कुछ जानते हुए भी खामियों पर अंगुली उठाकर प्रधान के आंख की किरकिरी नहीं बनना चाहते हैं। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोहर प्रसाद का कहना है कि विद्यालयों मेें गुणवत्तापरक भोजन दिया जा रहा है।

बच्चों का बर्बाद होता है डेढ़ घंटा समय
मऊ। जिले के विभिन्न इलाकों में स्थापित अधिकांश परिषदीय विद्यालयों मेें मिड-डे-मील लकड़ी पर ही बनता है। सोमवार और गुरुवार को बच्चों को रोटी और सब्जी देने का मीनू है। दोपहर का अवकाश पूर्वाह्न 10.30 बजे होता है। जबकि लकड़ी पर भोजन बनने के चलते 11 बजे के बाद बनता है। ऐसे में छात्रों का एक से डेढ़ घंटे बेकार चला जाता है। जबकि शासन से गैस से भोजन बनाने की व्यवस्था प्रदान की गई है।

मीनू के अनुरूप नहीं मिल रहा भोजन
मऊ। मिड-डे-मीन में सोमवार को रोटी सब्जी की मीनू निर्धारित है। सब्जी में मौसमी सब्जी प्रयोग करना है। लेकिन आलू और सोयाबीन ही बनवाया जाता है। इसी तरह मंगलवार को चावल और सब्जी का मीनू है, लेकिन सब्जी में आलू का ही अक्सर प्रयोग किया जाता है। बुधवार को कढ़ी और चावल बनाने का मीनू है, लेकिन दही की अनुपलब्धता के चलते कढ़ी भी गुणवत्तापरक नहीं बनती है। गुरुवार को रोटी और सब्जी मिश्रित दाल दिया जाना है। लेकिन साधारण दाल ही बना दी जाती है। शुक्रवार को तहरी दिया जाना है, लेकिन साधारण तरीके से खिचड़ी ही बना दी जाती है। बच्चे चाव से खाना नहीं खा पा रहे हैं। यही नहीं हर बच्चे को 150 ग्राम भोजन दिया जाना है, लेकिन उसमें भी कटौती कर दी जा रही है। सब कुछ जानते हुए प्रशासन मौन है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Mau

हृदय रोग से बचाव की दी जानकारी

हृदय रोग से बचाव की दी जानकारी

18 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बीजेपी कार्यकर्ता के सामने मऊ के ASP हुए बेबस, हाथ जोड़कर की विनती

प्रदेश में एक तरफ जहां योगी सरकार पुलिस की वाहवाही कर रही है। अपराधियों की धड़पड़क पर पुलिस की पीठ थपथपा रही है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के कार्यकर्ता शीर्ष पुलिस अफसर को अपने सामने हाथ जोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं।

13 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree