महाविद्यालयों को हाईटेक करने की कवायद पर ग्रहण

Mau Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
मऊ। सरकार की ओर से उच्च शिक्षा को हाईटेक करने की कवायद विभागीय लापरवाही के चलते सफल होती नजर नहीं आ रही है। केंद्र सरकार की ओर से जनपद में स्थापित महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को यूजीसी से जोड़ने के लिए नेशनल मिशन आफ एजूकेशन प्रोजेक्ट (एनएमईसीटी) के तहत वर्ष 2010-11 में बीएसएनएल की ओर से 10-10 इंटरनेट कनेक्शन दिया जाना था। लेकिन अभी तक नाम मात्र कालेजों में ही सुविधा उपलब्ध हो पाई है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बीएसएनएल की केबिल ही नहीं पहुंच सकी है। आला अधिकारियों का दावा है कि कनेक्शन देने का काम पूरा कर लिया गया है।
सरकार की ओर से आन लाइन एजूकेशन के लिए वर्ष 2010-11 में एनएमईसीटी के तहत जनपद के 47 डिग्री कालेजों को चयनित किया गया। इसके लिए बीएसएनएल को अनुदान उपलब्ध कराया गया। योजना के तहत चयनित डिग्री कालेजों में 10-10 इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना था। योजना के तहत 75 प्रतिशत यूजीसी द्वारा तथा 25 प्रतिशत महाविद्यालय प्रशासन द्वारा वहन किया जाना था। हालत यह है कि अभी तक दो तीन कालेजों में ही एक कनेक्शन ही दिया जा सका है। वह भी चालू हालत में नहीं है। जबकि सरकार की ओर से मार्च 2012 में कंपलीट कर लिया जाना था। जिले के कुछ क्षेत्रों में विभागीय अधिकारियों ने रुचि दिखाई तो कुछ ने स्कूलों ने ही लिख कर दे दिया कि हमारा इस योजना में कोई रुचि नहीं है। दूरसंचार के आला अधिकारियों के अनुसार कालेज प्रबंधक योजना के प्रति रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित कालेजों के प्रबंधकों की मानें तो सभी जगह केबिल अभी तक बिछाई ही नहीं जा सकी है। यदि बिछी भी है तो उसमें जगह ही नहीं है। जिन क्षेत्रों में टेलीफोन लाइन नहीं बिछी थी उन्हें वाइमैक्स कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। लेकिन सिग्नल व नेटवर्क न मिलने के कारण कनेक्शन शो पीस बनकर रह गया है। सवित्त डिग्री कालेजों में भी 10-10 इंटरनेट कनेक्शन नहीं लग पाए हैं। कालेज के अध्ययनरत छात्रों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ कागज पर ही दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की ओर से भी योजना को क्रियान्वित कराने के लिए कार्ययोजना तक तैयार नहीं की जा सकी है।

कैसे मिलेगा छात्रों को योजना का लाभ
मऊ। जनपद के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति दयनीय है। ग्रामीण इलाकों में एनएमईसीटी के तहत तमाम महाविद्यालयों में इस वजह से कनेक्शन नहीं लग पा रहा है कि दूरसंचारकर्मियों के पहुंचने के समय बिजली ही नहीं रह रही है। वह जनरेटर तथा बिजली दोनों की व्यवस्था रहने की स्थिति में ही वहां जाने की बात कर रहे हैं। जिन कालेजों में पहले से भी ब्राड बैंड कनेक्शन तो है लेकिन कालेज पीरिएड में बिजली न रहने से छात्रों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश छात्रों को इस योजना के बारे में जानकारी तक नहीं है।

मऊ। जिले के डिग्री कालेजों में एनएमईसीटी के तहत अध्ययनरत छात्रों को उनके विश्वविद्यालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई वेवसाइटों पर मुफ्त में आधुनिक जानकारियों को डाउनलोड करने की सुविधा है। इन कनेक्शनों में प्रतिबंध था कि इस पर एजूकेशनल साइटें ही खुलेगी। अन्य सोशल साइटें के चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत जिला दूर संचार प्रबंधक मुहम्मद शरीफ का कहना है कि सभी काम पूरा कर लिया गया है। कालेज प्रबंधक रुचि नहीं ले रहे हैं।

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