ठेकेदार हत्याकांड में मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी खारिज

Mau Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय प्रताप सिंह ने ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह व उनकी हत्या मामले में गवाह रामसिंह मौर्या तथा सिपाही सतीश की हत्या के षड़यंत्र के मामले में आरोपी सदर विधायक मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और डीजीसी के तर्कों को सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपी के विरुद्ध दर्ज 34 आपराधिक मामलों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया।
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पहला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की 29 अगस्त 2009 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। जब वह गाजीपुर तिराहा स्थित यूनियन बैंक के पास अपने वाहन से कहीं जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान ठेकेदार के साथी राजेश राय और चालक शब्बीर भी गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बावत अशोक सिंह की तहरीर पर अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। दौरान विवेचना सदर विधायक मुख्तार अंसारी सहित 12 लोगों का नाम प्रकाश में आया। मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर मुख्तार के अधिवक्ता दारोगा सिंह व डीजीसी प्रहलाद राम के तर्कों को सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने लिखा कि मृतक के शरीर पर पीएम में 20 गोलियों के निशान मिले हैं। मुख्तार अंसारी के विरुद्ध 34 आपराधिक मामले लंबित है। जिला जज ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया। दूसरा मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की हत्या के मामले में गवाह रहे रामसिंह मौर्या व चालक शब्बीर की सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश को एआरटीओ कार्यालय के पास 19 मार्च 2010 को गोलीमार कर घायल कर दिया गया। इस दौरान रामसिंह सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जब सिपाही सतीश की इलाज के दौरान वाराणसी के एक अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बावत हरेंद्र सिंह की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित पांच नामजद व अन्य अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और डीजीसी के तर्कों को सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने अपने आदेश में लिखा कि आरोपी के विरुद्ध आपराधिक षड़यंत्र एवं साजिश करने की समुचित साक्ष्य संकलित की गई है। आरोपी के विरुद्ध 34 आपराधिक मामले लंबित है। दिनदहाड़े दो लोगों की गोलीमार कर हत्या की गई है। अपराध गंभीर प्रकृति का है। जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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