आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नहीं मिल रही भूमि

Mau Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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मऊ। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के खोेले जाने के प्रति ग्राम पंचायतों में भूमि नहीं मिल रही है। शासन द्वारा जिले में नए केंद्रों के लिए भूमि तलाशे जाने का कार्य भी धीमी गति से हो रहा है। अब तक महज 80 ही प्रस्ताव नए आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने के लिए आए हैं। शेष के लिए फिलहाल गांवों में जमीन नहीं मिल पा रही है।
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जिले के हर ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधा न उपलब्ध हो जाने के चलते जिले में 200 नए आंगनबाड़ी के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। बाल विकास पुष्टाहार विभाग से उन स्थानों के ग्राम पंचायतों से नए आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे, जहां इसकी सुविधा के अभाव में किराए पर ही काम चलाना पड़ता है। अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र तो विद्यालयों के ही भवन में चलते हैं। वहीं किराए के भवन को लेकर न सिर्फ विभाग को परेशानी होती है बल्कि गांव के बच्चों को भी काफी असुविधा होती है। विभाग द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में ऐसे चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे लेकिन अभी तक महज 80 प्रस्ताव ही आ पाए हैं। शेष 120 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए ग्राम पंचायतों में भूमि तलाशी जा रही है। जिन ग्राम पंचायतों से विभाग को प्रस्ताव आ चुके हैं उनका संबंधित सीडीपीओ से सत्यापन कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। जिले में बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रति केंद्र लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके लिए 47.2 वर्ग मीटर भूमि की गांव में आवश्यकता है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों से जो प्रस्ताव आए हैं उनका सत्यापन कराकर रिपोर्ट भेजी जा रही है। शेष के लिए गांवों में भूमि की तलाश की जा रही है।
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